आज हम बात कर रहे हैं , श्री विद्यासागर गुरुकुलम् की। यह गुरुकुलम् प्राकृतिक छटाँ से परिपूर्ण स्वयं को और आपको आह्लादित करने वाला है। आप जानते हैं और देख भी रहे हैं कि यहाँ के छात्र अनुशासन, शिक्षा और कलाओं में अत्यंत निपुण हो गए हैं, आत्मनिर्भर बन रहे हैं। वे श्रम और ज्ञान दोनों की आराधना में तत्पर हैं। अर्थात् जहाँ वे शरीर से भी मजबूत बन रहे हैं और बुद्धि से भी, खिलाड़ी भी बन रहे हैं और बुद्धिशाली भी, दूध दुहना भी सीख रहे हैं और खेती करना भी, फर्राटेदार अंग्रेजी, संस्कृत और प्राकृत बोल रहे हैं तो मलखम, कराटे, कुश्ती, तलवारवाजी की अद्भुत प्रस्तति भी कर रहे हैं, वहीं वे मंच संचालन और जोरदार अभिनय भी कर रहे हैं, एक ओर तो वे माता-पिता की पूजन करके सबको भावुक कर उनकी सेवा का पाठ भी पढ़ा रहे हैं और दूसरी अतिथिसत्कार-सेवा के गुणों को भी प्रकट कर रहे हैं।
प्रिय अभिभावक गण! रोजगार की चिंता तो होती होगी, आज युग ही ऐसा है। पर ध्यान रखना! ये विद्यार्थी आने वाले समय में रोजगार पैदा करने वाले और बाँटने वाले बनेंगे, क्योंकि इनकी अमूर्त प्रतिभाओं को हम निखारकर मूर्त रूप प्रदान कर रहे हैं। आईये!! आप गुरुकुलम् में अपने बच्चे को भेंजे और हम आपको राष्ट्रनिर्माता तैयार कर वापस करेंगे।
कुशल अभिभावक, कुशल छात्र, कुशल शिक्षक और कुशल राष्ट्रनिर्माता।
आईये हम संक्षिप्त में जानते हैं श्री विद्यासागर गुरुकुलम् क्या हैं? और कैसा हैं?
गुरुकुलम् की विशेषताएं-
मानसिक विकास –
• भारत की प्राचीन भाषा संस्कृत और प्राकृत को भी आसानी से सीख रहे हैं।
• बच्चें फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सीख रहे हैं।
• उच्चस्तरीय वैदिक एवं जैन (अलौकिक) गणित अत्यंत सरलता के साथ सीख रहे हैं।
• भारत और विश्व के सामान्य ज्ञान की बारीकियों से परिचित हो रहे हैं।
• विज्ञान के प्रयोग कर रहे हैं।
• अनुशासन उनके जीवन का पहला केन्द्र बिन्दु बन गया है।
• अंक ज्योतिष, फलित ज्योतिष, आयुर्वेद, कलर थैरेपी और एक्यूप्रेशर का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
• योग, अध्यात्म, धर्म और सच्चा भारतीय एवं वैश्विक का इतिहास सीख रहे हैं।
शारीरिक विकास –
• मलखम हो,
• जूडो-कराटे,
• कुश्ती,
• तलवारवाजी,
• नृत्य,
• वादन,
• गायन,
• मंच संचालन,
• सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
बौद्धिक विकास –
• जोरदार भावपूर्ण अभिनय कला सीख रहे हैं।
• पलक झपकते ही बच्चे एक से लेकर 100 तक का पहाड़ा (टेबिल) अत्यंत आसानी से बालते हैं।
• 5000 साल तक केलेण्डर उनको सहजता से याद हैं।
विविध –
• गाय का दूध दुहना सीख रहे हैं।
• खेती करना, बीज बनाना और बीज का वपन करना आदि सीख रहे हैं।
• दैनिक जीवन में उपयोग आने कैमिकल रहित साबुन, शेम्पू आदि 50 लघु कुटीर उद्योगों को सीख रहे हैं।
• अनेक व्यापारिक बाराकियाँ समझ रहे हैं।
• अच्छा लेखन, संपादन और काव्य रचनाएँ कर रहे हैं।
• समाचार निर्माण करना और प्रकट करने का कौशल प्राप्त कर रहे हैं।
रोजगार – इस गुरुकुलम् से अध्ययन के उपरान्त छात्र देश-विदेश की उच्च स्तरीय संस्थाओं में नौकरी पा सकते हैं।
• बड़ी-बड़ी मल्टीनेशलन कम्पनी भी इनकी योग्यता के लिए इन्हें विशेष पैकेज पर जॉब उपलब्ध करायेंगी।
• प्रशासनिक सेवा में जा सकेंगे।
• छात्र कुशल नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं।
• अन्त्र्योप्रोन्योस बन सकते हैं।
• कुशल व्यापारी बनेंगे।
• अच्छे खिलाड़ी बनेंगे और देश विदेश में ऊँचाईयाँ पायेंगे।
परिसर – आवासीय छात्रावास, उत्तम भोजनाशाला, विद्यालय, खेल मैदान, प्राथमिक उपचार, चारों ओर सी.सी.टीवी कैमरों से लैस विद्यालय भवन, स्मार्ट क्लासिज एवं कम्प्यूटर लैब।
भोजन व्यवस्था – विद्यार्थियों को शुद्ध एवं मर्यादित जैविक भोजन एवं गिर गाय का घी दूध दिया जाता है। विगत दो वर्षों में हमारे गुरुकुलम् दवाइयों का खर्च कुल 5000 से भी कम है। अर्थात् पौष्टिक भोजन छात्रों को स्वस्थ बनाए रखनें में महत्वपूर्ण कारण है, जो हम छात्रों को प्रदान करते हैं।
कक्षा में प्रवेश एवं चयन प्रक्रिया – प्रवेश हेतु कक्षा पांचवी से आठवीं तक के छात्र 1 अप्रैल 2025 से 15 अप्रैल 2025 तक 15 दिन गुरुकुलम् में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, तत्पश्चात् उनकी परीक्षा की जावेगी।
परीक्षा में उत्तीर्ण एवं चयनित छात्रों को ही प्रवेश दिया जायेगा।
सम्पर्क सूत्र –
श्री विद्यासागर गुरुकुलम्
बेरसिया रोड़, भोपाल
सम्पर्क सूत्र –
ब्र. विनय भैया -9009631008
प्रवेश सूचना 2025-26
(प्रवेश – कक्षा 5 से 8 तक के छात्रों के लिए)
(पढ़ाई – कक्षा 5 से 12 तक)
वेब साईट
https://shrividyasagargurukulam.com/