अहिंसा ही मानवता का भविष्य – श्रुतदीप रिसर्च फाउंडेशन द्वारा ‘SHRUT TALK’ का भव्य आयोजन !

पुणे, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर श्रुतदीप रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘SHRUT TALK’ (श्रुतवार्ता) कार्यक्रम ने समाज को विज्ञान और आध्यात्मिकता के संगम से रूबरू कराया। शनिवार, 28 फरवरी को आयोजित इस विशेष सत्र में प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. श्री राजमलजी जैन और सुप्रसिद्ध लाइफ कोच श्री नरेंद्र गोयदानी ने अपने ओजस्वी विचारों से … Read more

पुणे के इतिहास में पहली बार – समस्त राजस्थानी समाज मिलकर मनाएगा ‘राजस्थान स्थापना दिवस’, तैयारियों के लिए 7 मार्च को महाबैठक !

पुणे, महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में रहने वाले राजस्थानियों के लिए आगामी 30 मार्च का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। शहर के इतिहास में पहली बार संपूर्ण राजस्थानी समाज (36 कौम) एक साथ मिलकर ‘राजस्थान स्थापना दिवस’ का भव्य आयोजन करने जा रहा है। इस महोत्सव की रूपरेखा तैयार करने और इसे सफल … Read more

जैन होली चातुर्मास के लिए उपप्रवर्तक प.पू. विनयमुनिजी म.सा. आदी ठाणा ४ एवम् महासतीजी प.पू. विरागदर्शनाजी म.सा. ठाणा ३ इनका नाशिक शहर मे आगमन!

प.पू. विनयमुनिजी म. सा. “वागीश” आदी ठाणा को चातुर्मास २०२८ के लिये नाशिक श्रीसंघ की विनंती ! नासिक, सुरत शहरका यशस्वी चातुर्मास संपन्न कर प.पू. विनयमुनिजी म सा “वागीश” ,उपप्रवर्तक प.पू. गौतममुनिजी म.सा. “गुणांकर” आदी संत एवम् प.पू. विरागदर्शनाजी ठाणा ३ का शुभआगमन नाशिक शहरमे जैन कॉन्फरन्स महाराष्ट्र प्रांत चतुर्थ झोन के अध्यक्ष मोहनलालजी लोढा … Read more

आदिनाथ भक्तामर हीलिंग सेंटर का पाँचवाँ वर्धापन दिवस: विज्ञान और जैन दर्शन के संगम का भव्य उत्सव

आदिनाथ भक्तामर हीलिंग सेंटर के पाँचवें वर्धापन दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में लगभग 900 सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस सेवा-यात्रा को ऐतिहासिक आयाम प्रदान किया। यह आयोजन केवल वर्षगाँठ नहीं, बल्कि श्रद्धा, साधना और उपचार की पाँच वर्षीय निरंतर तपश्चर्या का उत्सव था। कार्यक्रम का प्रारम्भ मंगलाचरण एवं गुरुवंदना के साथ … Read more

क्षमा वीरस्य भूषणम – वीरों का असली गहना !

बहुत पुराने समय की बात है। एक राज्य में मृगावती नाम की राजकुमारी रहती थी। वो बेहद सुंदर, बुद्धिमान और दयालु थी। सारा राज्य उससे प्रेम करता था। एक दिन राज्य में एक दूसरे राज्य की राजकुमारी आई — नाम था सुनंदा। सुनंदा के मन में मृगावती के प्रति ईर्ष्या थी क्योंकि सारे लोग मृगावती … Read more