राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट पुज्य आनंद ऋषि जी महाराज मानवता के मसीहा थे एवं समाज के लिए शक्तिपीठ , श्रध्दापीठ और ज्ञानपीठ के रूप में मार्गदर्शक थे – डॉ अशोककुमार पगारिया !

वेसु, सुरत, यहां के मेवाड़ जैन श्रावक संगत द्वारा पर्युषण महापर्व मे अष्टदिवसीय प्रवचन श्रृंखला, धार्मिक सूत्र वाचन ,प्रार्थना तथा प्रतिक्रमण , धार्मिक चर्चा और स्पर्धाएं इन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है! इस श्रृंखला में आज दिनांक 10 तारीख को मानवता के मसीहा आचार्य सम्राट आनंद ऋषि जी महाराज “इस विषय पर पुणे से … Read more

सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन के बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा पूज्य गुरुजनों एवं मान्यवरों के हस्ते ‘आदर्श परिवार’ सहित विभिन्न पुरस्कारों से कर्तृत्ववानों का सम्मान; मेधावी विद्यार्थियों का भी अभिनंदन

गुरुदेव प. पू. रमणीक मुनिजी म. सा.   (वाणी के जादूगर) का विशेष सम्मान पुणे : सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट ने समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों एवं परिवारों को सम्मानित करने वाले अपने वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की है।

सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आदर्श माता-पिता, आदर्श परिवार, समाज शिरोमणि, समाज भूषण, समाज रत्न, मानव सेवा राष्ट्रीय पुरस्कार एवं ‘आइकॉन ऑफ राजस्थान’ पुरस्कार प्रदान;

मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के लिए नामांकन आमंत्रित पुणे : सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट ने समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों एवं परिवारों को सम्मानित करने वाले अपने वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की है।

पुणे बिबवेवाडी जैन स्थानक में जीतो के भावी अध्यक्ष श्री मनोज छाजेड सम्मानित !

पुणे, सेवा जब निःस्वार्थ भाव से की जाए, तो समाज उसे सम्मान देने से पीछे नहीं हटता। बिबवेवाडी जैन स्थानक में सिद्धी ग्रुप के कर्णधार एवं जीतो के भावी अध्यक्ष श्री मनोज छाजेड का आज भव्य सत्कार सम्मान किया गया।

क्रोध पर नियंत्रण ही क्षमा की साधना — उपप्रवर्तक गुरुदेव श्री अभिषेक मुनि जी म. सा.

कोथरुड, पुणे, श्री वर्धमान सांस्कृतिक प्रतिष्ठान में विराजित गुरु सुमति शिष्य उपप्रवर्तक, तप दिवाकर गुरुदेव श्री अभिषेक मुनि जी म. सा. ने आज धर्मसभा को संबोधित करते हुए चार कषाय—क्रोध, मान, माया और लोभ का आध्यात्मिक विवेचन किया। गुरुदेव ने कहा कि “कषाय वह है, जो आत्मा को संसार में कसकर बांधकर रखता है।” प्रत्येक … Read more