93 साल के सरसबाई कर्नावट का सागारी संथारे के साथ जारी है 45 वां उपवास !

तलेगांव दाभाडे, पुणे, तपस्या मूर्ति, तप साम्राज्ञी, आदरणीया माताजी श्रीमती सरसबाई कर्नावट जिनकी आयु है 93 वर्ष और जो आज भी उस तपोमार्ग पर अविचल खड़ी हैं, जिस पर चलने की हिम्मत कम ही पुण्यशालियों को मिलती है।

जैन समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए सुनहरा अवसर !

पुणे में ’41वां ऑनलाइन वधू-वर परिचय सम्मेलन’ 19 जुलाई को ! पुणे, रिश्ते आसमान में बनते हैं, लेकिन उन्हें धरती पर मिलाने का एक पवित्र माध्यम बनती हैं सामाजिक संस्थाएं। इसी उद्देश्य के साथ, जैन समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों को उनका मनपसंद जीवनसाथी चुनने में मदद करने के लिए ‘जैन वधू-वर परिचय संस्था, पुणे’ … Read more

मन आणि जीवन बदलून टाकणारी अहिंसेची ताकद – प.पू. श्री मुकेश मुनीजी म. सा.!

पुणे, आपल्या आगम शास्त्रांत स्पष्ट सांगितले आहे की – “अहिंसा सर्व धर्मांचा शिरोमणी धर्म आहे.” कारण हिंसा ही सर्व दु:खांची मूळ आहे आणि अहिंसा ही सर्व सुखांची, शांतीची व मोक्षाची जननी आहे. अहिंसा म्हणजे फक्त प्राणी न मारणे एवढेच नव्हे तर मन, वचन आणि काया यांनी कुणालाही दुखावू न देणे. • मनात द्वेष ठेवला तरी … Read more

चातुर्मास : आत्मा को उन्नति की ओर ले जाने वाला महान पर्व – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

चातुर्मास की सुंदर घड़ियों ने हमारे आंगन में दस्तक दी है। यह अनुपम घड़ियां हमारे जीवन में रिमझिम बारिश की तरह ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप की बरसात लेकर आती है। चातुर्मास का स्वागत शुभ भावना से अपने आत्मा को पवित्र पावन बनाने के लिए किया जाता है। जिस तरह घर के सामने रिबन कट करके … Read more

पुण्यभूमि पुणे में भक्ति की सरिता – उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. का चातुर्मास मंगल प्रवेश एवं 1008 भक्तामर अनुष्ठान !

पुणे , पुणे शहर ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक गरिमा को सिद्ध किया, जब उपाध्याय प.पू. श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. (आदि ठाणा-2), दक्षिणज्योति प.पू. श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. (आदि ठाणा-3) और जिनशासन गौरव प.पू. श्री सुनंदाजी म.सा. (आदि ठाणा-6) के दिव्य सान्निध्य में 1008 भक्तामर स्तोत्रों का महासमूहिक अनुष्ठान एवं चातुर्मास प्रवेश समारोह अत्यंत भव्यता व … Read more