मधुर वचनों का ज़हर –जब मित्रता की परख हुई !
एक समय की बात है, एक चतुर व्यक्ति था ‘मधुकर’। उसकी वाणी में शहद-सी मिठास थी, जो किसी को भी आसानी से अपना बना लेती थी। उसकी इस मीठी जुबान का सबसे बड़ा शिकार था उसका सीधा-सादा और सरल हृदय मित्र ‘सत्यपाल’। सत्यपाल दुनिया को अपनी ही तरह सच्चा और मददगार समझता था। मधुकर ने … Read more