पुणे, पंढरपुर की ओर बढ़ते वारकरियों की थकान को मिटाने के लिए शिवाजीनगर गावठाण में एक ऐसी सेवा-परंपरा जीवित है, जो पिछले २५ वर्षों से बिना रुके, बिना थके चल रही है। यह सेवा है शहा (आळंदीकर) परिवार एवं उनके मित्र-परिवार की, जो हर वर्ष वारकरियों के लिए सुबह की गरमागरम नाश्ता की व्यवस्था करते आ रहे हैं।
