सेवा ही पुण्य का द्वार और सच्चा धर्म – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

सेवा को हार नहीं उपहार समझिए। भगवान महावीर के शिष्य गौतम स्वामी ने एक बार भगवान से पूछा भगवान एक साधक तप कर रहा है और एक साधक सेवा कर रहा है तो दोनों में से किसकी प्रधानता ज्यादा है, किसकी पुण्यवाणी ज्यादा बढ़ती है ? तब भगवान ने कहा तपस्या करके हम सेवा कर … Read more

जीतो पुणे चैप्टर का सफल वैवाहिक मिलन समारोह !

जैन परिवारों को मिला उचित मार्गदर्शन और मंच ! पुणे, जीतो पुणे चैप्टर के चेयरमैन इंद्रकुमार छाजेड़, चीफ सेक्रेटरी दिनेश ओसवाल के नेतृत्व में शनिवार, 19 जुलाई 2025 को आयोजित वैवाहिक मिलन समारोह (Matrimony Event) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन जैन समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक योग्य जीवनसाथी खोजने में सहायता करने … Read more

शांतशील संयममूर्ती: पू. आनंद ऋषीजी म.सा. यांची जीवनगाथा – प. पू. श्री मुकेश मुनीजी म. सा. !

आज आपण पूज्य आनंद ऋषीजी म.सा. यांची १२६ वी जन्म जयंती निमित्त त्यांच्या महान व्यक्तिमत्त्वाचे गुणगान करणे हा आत्मिक गौरवाचा क्षण आहे. अल्पवयातच त्यांनी आपल्या गुरूप्रती अढळ श्रद्धा, प्रगाढ भक्तिभाव व संपूर्ण समर्पणभाव जोपासला. त्यांनी अत्यंत विनयशीलतेने आगमशास्त्राचे गहन अध्ययन केले आणि तप-जप यांच्या माध्यमातून आत्मिक उन्नती साधली. अखेर त्यांनी संघात अत्युच्च “आचार्य पद” प्राप्त … Read more

ध्यान साधना से आती है शरीर और मन की स्थिरता : प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा.

ज्ञान साधना के माध्यम से ही हमें शरीर और मन की स्थिरता प्राप्त हो सकती है। जीवन में यह संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने किया। वे परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित आनंदगाथा सप्ताह की प्रवचन माला में बोल रहे थे। प. पू. प्रवीण ऋषिजी … Read more

जीवन को सफल बनाने के सूत्र : दान, सेवा और सत्संग – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

प्रभु परमात्मा ने कुछ ऐसे सूत्र हमें दिए हैं जो हमारा जीवन बदल सकते हैं। कोई भी हमारे घर पर आये तो कभी उसे ना मत कहो । समय हमारे पास बहोत है पर कहां देना और कहां नहीं ये हम नहीं समझते। जिनशासन को पाकर जिनवाणी के मूल्य को हमने नहीं समझा तो हीरे … Read more