पुणे : सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट्स ऑफ मैनेजमेंट, पुणे में ‘सूर्यभारत महा हैकफेस्ट 2026’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को वर्तमान साइबर कानूनों और डिजिटल सुरक्षा के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस कार्यक्रम में एमसीए, बीसीए और बी.एससी. पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। ज्ञान, सकारात्मकता और औपचारिक आरंभ का प्रतीक इस दीप प्रज्वलन समारोह में प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया, श्रीमती सुषमा संजय चोरडिया, श्रीमती स्नेहल नवलखा, डॉ. पराग काळकर, डॉ. आदित्य अभ्यंकर, डॉ. सुदिन बाराओकर, डॉ. मनीषा कुंभार, डॉ. प्रतीक्षा वाबळे, श्री अरिंदम पॉल, श्रीमती नेहा देशपांडे एवं श्रीमती श्रुति ढवळे सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष महत्व प्राप्त हुआ और विद्यार्थियों को प्रेरणा मिली।
उद्घाटन के पश्चात ARIKA Consultancy Pvt. Ltd. के प्रबंध निदेशक श्री अरिंदम पॉल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल युग में साइबर जागरूकता का महत्व समझाते हुए विभिन्न साइबर खतरों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा गोपनीयता और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। फिशिंग, पहचान चोरी और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाए।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक श्रीमती नेहा देशपांडे ने विद्यार्थियों के लिए एक प्रायोगिक सत्र आयोजित किया। इस सत्र में उन्होंने काली लिनक्स, गूगल क्रोम ब्राउज़र और टॉर वेब ब्राउज़र जैसे टूल्स के माध्यम से साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन साधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर साइबर हमलों, धोखाधड़ी और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा, “आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा और तकनीक का सही ज्ञान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘सूर्यभारत महा हैकफेस्ट’ जैसे उपक्रम विद्यार्थियों को साइबर खतरों को समझने, एथिकल हैकिंग जैसी उन्नत तकनीकों से परिचित होने और डिजिटल साधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनकी तकनीकी क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार सोच का विकास होगा।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पराग काळकर (प्रो-उपकुलपति, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय), डॉ. आदित्य अभ्यंकर (निदेशक, स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी) तथा डॉ. सुदिन बाराओकर (एआई एवं क्वांटम इंजीनियर, डीप टेक स्टार्टअप्स के संस्थापक) उपस्थित थे। इन सभी को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘सूर्यभारत एजुटेक एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।
डॉ. मनीषा कुंभार ने अपने संबोधन में दो दिवसीय कार्यक्रम का अवलोकन प्रस्तुत किया और विद्यार्थियों के उत्साही सहभाग पर प्रसन्नता व्यक्त की।
डॉ. पराग काळकर ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर जोर दिया और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा हेतु टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता बताई।
डॉ. आदित्य अभ्यंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जनरेटिव AI के दौर में तकनीकी बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “बड़े डेटा के युग में डेटा ही वास्तविक शक्ति है।” उन्होंने ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों के महत्व को भी स्पष्ट किया।
डॉ. सुदिन बाराओकर ने “नेक्स्ट जेन – एआई ऑटोनॉमिक वर्ल्ड्स” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रारंभिक कंप्यूटर प्रणालियों से लेकर आधुनिक लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और न्यूरल नेटवर्क्स तक की तकनीकी प्रगति का विश्लेषण किया। साथ ही उन्होंने नवाचार, ऑटोमेशन और डिजिटल इकोसिस्टम में एआई की भूमिका तथा जिम्मेदार एवं नैतिक एआई विकास के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान ‘सूर्यभारत महा हैकफेस्ट’ प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस उपक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ तथा विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया तथा उनके तकनीकी और समस्या समाधान कौशल को नई दिशा प्रदान की।