जिससे हम बन जाए सबका आकर्षण का केंद्र !
हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारी बातचीत कैसी हो,
ताकि वह दूसरों के दिलों को छू जाए और सार्थक बने। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं –
बात हो संक्षिप्त – अपनी बातचीत को उबाऊ और अनावश्यक रूप से लंबा न खींचें। बड़ी से बड़ी बात भी कम शब्दों में कहना अधिक प्रभावशाली होता है।
* तत्काल आरंभ, अवसर न खोएं – बिना किसी संकोच के बातचीत शुरू करें। अच्छे अवसरों को यूँ ही न जाने दें।
* उपयोगी और ध्यान आकर्षित करने वाली – व्यर्थ की बातों से बचें। बोलते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप कैसे उपयोगी बातें प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे सुनने वालों का ध्यान आपकी ओर आकर्षित हो। यदि सामने वाला व्यक्ति वर्तमान बातचीत में रुचि कम ले रहा हो, तो विषय बदलकर किसी अन्य रुचिकर विषय पर बात करें।
* उत्तम वक्ताओं से सीखें – जो लोग उत्तम ढंग से, निर्भीक भाव से और बढ़िया शैली में बातचीत करते हैं, उनके पास बैठें और उन्हें ध्यान से सुनें।
* ज्ञानवर्धक बनें – विचारोत्तेजक और मानव हितकारी विषयों पर पुस्तकें पढ़ें और पुस्तकालय जाएँ।
* शैली, स्पष्टता और संक्षिप्तता का महत्व – बातचीत को प्रभावशाली बनाने के लिए अपनी शैली, वाक्य-रचना की श्रेष्ठता, संक्षिप्तता और स्पष्टता पर विशेष ध्यान दें।
इन सूत्रों को अपनाकर आप निश्चित रूप से ऐसी बातचीत कर पाएंगे जो दूसरों के दिलों को छू जाएगी और सार्थक परिणाम देगी।