मौन साधना के बाद उपप्रर्वतिनी श्री सुमनप्रभाजी म.सा. की महामांगलिक श्रवण करने उमडा अपार जनसमूह..
जय-जयकार के साथ निकला चल समारोह
प्रवर्तकश्री ने बताया महासतीवृंद का इतिहास
रतलाम, 25 अक्टूबर। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी म.सा. के सुशिष्य रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी म.सा. के रतलाम चातुर्मास -भाग्य से सौभाग्य की ओर- में रविवार को एक अध्याय और जुडा। प्रवचन प्रभाविका उपप्रर्वतिनी श्री सुमनप्रभाजी म.सा. ने नौ दिवसीय मौन साधना पूर्ण कर महामांगलिक दी। इसे श्रवण करने देश के अनेक स्थानों से अपार जनसमूह उमडा।
