महासतीजी डॉ प्रियदर्शनाजी म सा के संथाराव्रतकी मंगल कहानी ,जिनशासन के इतिहास में सुवर्ण अक्षरों से लिखी जाएगी – डॉ अशोककुमार पगारिया !
पुण्यनगरी में कोथरूड जैन स्थानक में उपप्रवर्तिनी प पू डॉ प्रियदर्शनाजी म सा इनके सजग संथाराकी पुर्णाहुती 68 वे दिन हुई! यह संथारा अपने आप में जिनशासनकी महिमा है , करिश्मा है ,पांचवें आरेमे चवथे आरे के संथारेका मुर्तिमंत उदाहरण है ! महासतीजी की साधना में इतना प्रभाव है कि संथारा लेते ही तबीयत में … Read more