सबसे बड़ी खोज

वैज्ञानिक माइकल फैराडे का नाम आज भी अभावग्रस्त, कर्मठ लगनशील विद्यार्थियों की राह प्रशस्त कर रहा है। माइकल बहुत गरीबी में पला-बढ़ा था। जैसे-तैसे दसवीं पासा करने के बाद घर को चलाने के लिए लंदन में अखबार बेचने का काम करने लगा था। साथ ही यथा उपलब्ध समय का दुरुपयोग न कर पढ़ाई भी करता। … Read more

बोली ने किया बवाल

चलते-चलते थक चुका एक राहगीर, विश्रांति हेतु स्थान को खोज करने लगा। तब एक महिला ने अपने मकान के प्रखंड में उसे रहने के लिए स्थान दे दिया। रात भर वह शांति से सोया। सुबह उठकर उस बुजुर्ग राहगीर ने पेट की भूख शांत करने के लिए खिचड़ी बनाने का विचार किया। आसपास पड़ी सूखी … Read more

स्वार्थ नहीं : परमार्थ

स्वार्थ से ऊपर उठकर परमार्थ में लगने वाले व्यक्ति देह से मरकर भी अमर हो जाते हैं। जनता उन्हें सदा श्रद्धा ही से याद करती है। बात उस समय की है, जब बाल गंगाधर तिलक ने वकालत की परीक्षा पास कर ली थी। उनके एक मित्र ने उनसे पूछा- अब क्या करना चाहते हो? सरकारी … Read more

पोलीस खरे मित्रमैत्री दिनाचा आगळा वेगळा उपक्रम

नाशिक , 4 ऑगस्ट जागतिक मैत्रीदिन निमित्त श्री राधिका फाउंडेशन व महावीर इंटरनॅशनल या संस्थेच्या वतीने पोलिसांसोबत मैत्री दिवस साजरा करण्यात आला.खरा मित्र तोच असतो , जो संकटासमयीं धावून येतो; आम्हास कोणतेही संकट येवो,आम्हास प्रथम आठवण येते पोलिसाचीच येते ,व् ते लगेच धावून येतात,सण उत्सव ,स्वतःच्या घरातील कार्यक्रम सोडून ते हजर असतात .म्हणजेच खऱ्या अर्थाने … Read more

रेवती ने तिर्थकर नाम कर्म का बंद कैसे किया?

केवलिचर्या में विचरते हुए तेरह वर्ष बीत गए तब भगवान महावीर चौदहवें वर्ष में मेढीग्राम पधारे। भगवान के पधारने की खबर से वहाँ के लोग बहुत प्रसन्न हुए और झुण्ड के झुण्ड प्रभु-दर्शन एवं देशना श्रवण के लिए जाने लगे। किन्तु प्रभु के एक कुशिष्य गोशालक को यह बात पसन्द नहीं आयी। वह कुछ दिनों … Read more