आचार्य श्री महाश्रमणजी के चरणों में सेवा का सौभाग्य, पुणे और पिंपरी चिंचवड़ की बहनों को मिला 15 दिन का अवसर !

पुणे: जैन तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य श्री महाश्रमणजी जहां-जहां विहार करते हैं, वहां-वहां श्रावक और श्राविकाएं भी धर्म की बातें श्रवण करने के लिए उनके साथ चलते हैं। ऐसे में इन सभी के भोजन की व्यवस्था भी एक बड़ी आवश्यकता होती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय तेरापंथ समाज की ओर से स्थायी रूप से भावना चौके की व्यवस्था की गई है। भावना चौका यानी इच्छा रसोई घर।

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