योग के जादूगर – पुणे के संजयजी ओस्तवाल – एक दिल छू लेने वाली यात्रा !

 

 

आंतरराष्ट्रीय योग दिवस के खास मौके पर, आइए जैन परम्परा मैगजीन के द्वारा मिलते हैं, एक ऐसे व्यक्ति से, जिन्होंने योग को सिर्फ़ कसरत नहीं, बल्कि जीने का तरीका बना दिया है। पुणे के ‘सम्यक योग’ के संस्थापक, इंजिनियर संजयजी ओस्तवाल, एक ऐसे गुरु हैं जो योग और सेहत की राह पर हमारा हाथ थामे हुए हैं।

२५ सालों का प्यार और लगन – योग की पाठशाला !

संजयजी ओस्तवाल, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से सर्टिफ़ाइड योगा टीचर हैं। पिछले २५ सालों से ज़्यादा समय से वे योग को अपना जीवन दे चुके हैं। उनकी ख़ास पहचान है अय्यंगार योग में उनकी महारत। वे महान योगाचार्य बी के एस अय्यंगार के शिष्य हैं | पिछले २० सालों से तो वे पुणे के YMCA कॅंप, तथा भारत फोर्ज जैसी कंपनीया़, यशदा, आदी में हज़ारों लोगों को योग सिखाकर उनकी ज़िंदगी बदल चुके हैं।

सुकून भरी मौजूदगी, आसान तरीक़े और सबकी भलाई !

संजयजी का सिखाने का अंदाज़ ही कुछ और है। उनकी शांत और सुकून भरी मौजूदगी, हर बात को आसान तरीक़े से समझाने का हुनर और सबको साथ लेकर चलने की उनकी सोच, योग को हर उम्र और हर तरह के लोगों के लिए आसान बना देती है। उनके योग सेशन सिर्फ़ आसन नहीं होते, बल्कि ये अपने अंदर झांकने का सफ़र होते हैं। वे पुराने योग ज्ञान को आज के ज़माने की ज़रूरतों के हिसाब से जोड़कर सिखाते हैं, जिससे पता चलता है कि वे योग के विज्ञान को कितनी गहराई से समझते हैं।

संत सेवा में सदैव अग्रसर !

संजयजी ओस्तवाल वीतराग सेवा संघ, पुणे इस सामाजिक संस्था के महामंत्री है। गुरु भगवंतो की सेवा करने के लिए सदैव अग्रसर रहते हैं। जब भी किसी संतो की असाता होती है तो उन्हें योगासन सिखाकर उनके संयमी जीवन में सेवा का सद्कार्य करने का वह अवसर ढूंढते हैं।

सेहत के सच्चे साथी – पोषण और योग का मेल !

संजयजी ओस्तवाल सिर्फ़ योग गुरु नहीं, वे आंतर्राष्ट्रीय सर्टिफ़ाइड क्लिनिकल न्यूट्रिशन कोच भी हैं। वे मानते हैं कि सेहतमंद रहने के लिए योग के साथ सही खान-पान भी ज़रूरी है। वे पोषण और सही शारीरिक गतिविधि को मिलाकर पूरी तरह से सेहतमंद जीवन जीने का रास्ता दिखाते हैं।

समाज से जुड़ाव – योग को घर-घर तक पहुंचाना!

संजयजी का काम सिर्फ़ उनके योग क्लास तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कई संस्थाओं के लिए ख़ास योग वर्कशॉप की हैं, जिनमें पुणे ट्रैफ़िक पुलिस, पोलीस बिनतारी संदेश पाषाण, लष्कर पुलिस स्टेशन, भारतीय रेल्वे के कुलीज आदी शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने अनिकेत संस्था (मतिमंद बच्चो के लिये) और रेड क्रॉस स्कूल (सुनने में अक्षम बच्चों के लिए), जैसे ख़ास ज़रूरतों वाले बच्चों के स्कूलों में तथा रोड पर काम करनेवाले पुणे म्युनिसिपल कार्पोरेशन के सफाई कर्मचारी और कोवीड में आम आदमी के लिये भी वर्कशॉप की हैं, जो समाज के लिए उनके प्यार को दिखाता है। आंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और सेहत से जुड़े ‘आरोग्य शिविर’ में भी वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, जिससे योग और सेहत का संदेश ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचे। सरहद्द स्कूल, भारत फोर्ज कंपनी‌ तथा वीतराग सेवा संघ को साथ लेकर उन्होंने साधना सदन महावीर प्रतिष्ठान तथा यश लॉन में आंतरराष्ट्रीय योग दिवस शिवीर का आयोजन किया था

संजयजी ओस्तवाल जी सचमुच योग और सेहत की दुनिया में एक मिसाल हैं। उनकी ज़िंदगी और उनका काम हमें सिखाता है कि योग सिर्फ़ शरीर को फ़िट रखना नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को एक साथ जोड़कर एक खुशहाल और सेहतमंद ज़िंदगी जीने का सबसे अच्छा तरीका है।

जैन परम्परा परिवार की ओर से आपके उज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं!

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