ज्ञानगंगोत्री पूज्या प्रभाकंवरजी म.सा. की अद्वितीय साधना, अटूट समर्पण और संघर्षों से तपा जीवन – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

पुणे, आज जिनशासन की परम प्रभाविका, महाराष्ट्र प्रवर्तनी ज्ञानगंगोत्री पूज्य गुरुणीसा प्रभाकंवरजी महाराज साहब की 98 वीं जन्म जयंती है। इस पावन अवसर पर उनके अद्वितीय जीवन, कठोर साधना और अटूट समर्पण को स्मरण करते हुए, ‘श्री सदगुरु चैतन्य बहु मंडल’ की स्थापना की गई। गुरुणीसा का जीवन स्वयं दूसरों को प्रकाश देने वाली एक ‘मोमबत्ती’ … Read more

सेवा ही पुण्य का द्वार और सच्चा धर्म – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

सेवा को हार नहीं उपहार समझिए। भगवान महावीर के शिष्य गौतम स्वामी ने एक बार भगवान से पूछा भगवान एक साधक तप कर रहा है और एक साधक सेवा कर रहा है तो दोनों में से किसकी प्रधानता ज्यादा है, किसकी पुण्यवाणी ज्यादा बढ़ती है ? तब भगवान ने कहा तपस्या करके हम सेवा कर … Read more

जीवन को सफल बनाने के सूत्र : दान, सेवा और सत्संग – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

प्रभु परमात्मा ने कुछ ऐसे सूत्र हमें दिए हैं जो हमारा जीवन बदल सकते हैं। कोई भी हमारे घर पर आये तो कभी उसे ना मत कहो । समय हमारे पास बहोत है पर कहां देना और कहां नहीं ये हम नहीं समझते। जिनशासन को पाकर जिनवाणी के मूल्य को हमने नहीं समझा तो हीरे … Read more