आत्मा की शुद्धि और संबंधों का महत्व – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !
एक व्यक्ति के रूप में जब हम आगे बढ़ते हैं, तो हमें कैसा बनना चाहिए, इसका सार अंतगड सूत्र में बताया गया है। जीवन जीते समय हम बहुत सी बातें केवल सतही रूप से देखते हैं और उसी तरह जीते हैं। गहराई से चिंतन नहीं करते। इसके लिए हमें स्वयं आत्मपरीक्षण कर अपने अंदर बदलाव … Read more