पुणे की डॉ. रिंकू कविता संतोष भलगट (जैन) को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स यूनिवर्सिटी की फ्रीलांस १०१ स्कॉलरशिप से सम्मानित किया गया है। यह उनके लिए और पूरे पुणे शहर के लिए गर्व का क्षण है।
डॉ. रिंकू भलगट का शोधपत्र, जो व्यक्तियों के स्वास्थ्य के अनुसार उनके पहनावे को कैसे अनुकूलित किया जाए, इस विषय पर केंद्रित है, ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स यूनिवर्सिटी में प्रदर्शित किया गया है। यह कार्य भारतीय चिकित्सा पद्धति को ग्लोबल मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. रिंकू भलगट ने आयुर्वेद और भारतीय जीवनशैली के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये पद्धतियां पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक हो सकती हैं।
डॉ. रिंकू भलगट ने पुणे के भारती विद्यापीठ से आयुर्वेदाचार्य की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग और ब्रांड मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी पूरी की है। वर्तमान में, वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ट्रांसपर्सनल साइकोलॉजी और साइकोलॉजी ऑफ एडिक्शन में आगे शोध कर रही हैं।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए उन्हें और उनके माता-पिता, श्री संतोष और श्रीमती कविता भलगट की हर तरफ से प्रशंसा हो रही है, जिन्होंने हमेशा अपने बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी हैं । इस स्कॉलरशिप में डेढ़ लाख रुपये की राशि शामिल है।
डॉ. रिंकू भलगट के माता-पिता, श्रीमती कविता भळगट और श्री संतोष भळगट ने इस अवसर पर कहा कि भलगट और बोरा परिवार के साथ-साथ हुजूरपागा स्कूल के सभी शिक्षक, भारती विद्यापीठ कॉलेज के सभी शिक्षक और समाज के आशीर्वाद से ही वह इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं।