चातुर्मास : आत्मा को उन्नति की ओर ले जाने वाला महान पर्व – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

चातुर्मास की सुंदर घड़ियों ने हमारे आंगन में दस्तक दी है। यह अनुपम घड़ियां हमारे जीवन में रिमझिम बारिश की तरह ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप की बरसात लेकर आती है। चातुर्मास का स्वागत शुभ भावना से अपने आत्मा को पवित्र पावन बनाने के लिए किया जाता है। जिस तरह घर के सामने रिबन कट करके … Read more

श्री विजय वल्लभ जनरल हॉस्पिटल में निःशुल्क घुटना प्रत्यारोपण कैम्प !

केवल किरण क्लोथिंग लिमिटेड का सराहनीय कार्य ! सादड़ी (राणकपुर), सामाजिक कार्यों के साथ साथ ग्रामीण भागों में चिकित्सा सुविधाओं के लिए के माध्यम से हम कर्मभूमि के साथ साथ मातृभूमि की भी सेवा में योगदान दे सके। उपरोक्त विचार राणकपुर रोड पर स्थित श्री विजय वल्लभ हॉस्पिटल के संस्थापक केवल जैन (केवल किरण क्लोथिंग … Read more

“ गणधर तप” आराधना से उपप्रवर्तिनी गुरुमॉं चंद्रकलाश्रीजी म. सा. आदि ठाणा ३ का आकुर्डी स्थानक भवन में चातुर्मास प्रारंभ!

आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे आजसे गुरु गौतम “ गणध र- तप” आराधनासे चातुर्मास प्रारंभ हुआ! २७ धर्मअनुरीगीयोने गणधर तप के प्रत्याख्यान लिये! एक दिवस उपवास एक दिवस बियासना कर २२ दिनकी यह तप आराधना है! शासन प्रभाविका पु. गुरुवर्या चंचल कुंवरजी म.सा. की सुशिष्याए उपप्रवर्तिनी महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकला श्री जी, … Read more

प. पू. श्री मुकेश मुनीजी म सा – गुरुविणा गती नाही !

पुणे, गुरु म्हणजे आत्मोन्नतीचा खरा मार्गदर्शक. गुरुपौर्णिमा हा दिवस केवळ एक उत्सव नसून, आपल्या जीवनात “गुरु” या श्रेष्ठ संकल्पनेचा स्मरण करून त्यांच्याप्रती कृतज्ञता व्यक्त करण्याचा पवित्र दिवस आहे. गुरु म्हणजे केवळ शास्त्र शिकवणारे शिक्षक नव्हे, तर आत्मकल्याणाची वाट दाखवणारे प्रकाशस्तंभ. ज्या गुरुने आत्मा आणि मोक्षमार्ग याबाबत अज्ञानरूपी अंधार दूर केला, अशा गुरूला स्मरण करण्याची ही … Read more

चातुर्मास – आत्म-साधना और समाज उत्थान का महापर्व !

भारत की भूमि पर अनेक धर्म और परंपराओं का संगम हुआ है और इनमें जैन धर्म का अपना एक विशिष्ट स्थान है। जैन धर्म की अहिंसा, त्याग और संयम की भावना उसके प्रत्येक पर्व में परिलक्षित होती है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है चातुर्मास, जो न केवल जैन साधु-साध्वियों के लिए बल्कि समस्त जैन … Read more