दृष्टि आत्मा की और शरीर की सेहत दोनों ही जीवन के लिए महत्वपूर्ण – कुलचंद्र सूरीश्वरजी!

180 मरीज लाभांवित एवं 42 मोतियाबिंद आपरेशन भायंदर :- “आत्मा की शुद्धि और शरीर की सेहत दोनों ही जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। नेत्र चिकित्सा मोतियाबिंद ऑपरेशन एक ऐसा प्रयास है जो लोगों को उनकी दृष्टि वापस दिलाने में मदद करता है और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होता है। उपरोक्त विचार गुरु … Read more

डायग्नोपिन आता कराड -सातारा मध्ये !

डायग्नोपिन ने आपल्या नवीन शाखे चा शुभारंभ प्रांतअधिकारी अतुलजी म्हेत्रे, तसेच डॉ. सुमित पाटील, सतीशजी बनवट, सुनीलजी शिंदे यांच्या द्वारे करण्यात आले. डायग्नोपिन डाइग्नोस्टिक ही संस्था आरोग्य क्षेत्रात कार्य करीत आहे. आज सर्व सामान्यना रोगाचे निदाना करीता बऱ्याच टेस्ट कराव्या लागतात.परतु सर्व सामान्यना त्याचा खर्च हा आवाक्याच्या बाहेर जात असल्यामुळे ते टेस्ट करीत नाही व … Read more

तेरापंथ महिला मंडल पुणे द्वारा ‘मातृत्व’ कार्यशाला का सफल आयोजन – गर्भसंस्कार पर विशेष ज़ोर !

  पुणे, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल पुणे द्वारा ‘मातृत्व’ विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय था “मातृत्व एक वरदान – रखना हर हाल में इसका ध्यान”, जिसमें गर्भसंस्कार के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला का शुभारंभ तेरापंथ महिला … Read more

योग के जादूगर – पुणे के संजयजी ओस्तवाल – एक दिल छू लेने वाली यात्रा !

    आंतरराष्ट्रीय योग दिवस के खास मौके पर, आइए जैन परम्परा मैगजीन के द्वारा मिलते हैं, एक ऐसे व्यक्ति से, जिन्होंने योग को सिर्फ़ कसरत नहीं, बल्कि जीने का तरीका बना दिया है। पुणे के ‘सम्यक योग’ के संस्थापक, इंजिनियर संजयजी ओस्तवाल, एक ऐसे गुरु हैं जो योग और सेहत की राह पर हमारा … Read more

आहार क्यों और कैसे?

इन्द्रियों में भी रसनेन्द्रिय अति चंचल है उस पर विजय पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ उपाय है-आयंबिल तप। विगइयों के आहार से इन्द्रियों पर संयम पाना कठिन है। आयंबिल तप एक ऐसा तप है कि जिसमें सर्व विगइयों का त्याग होता है और साथ ही में इसका सेवन दीर्घकाल तक किया जा सकता है। आयंबिल तप … Read more