शिखर से बातेंप.पू आ.भ.श्रीमद् विजय रत्नसुंदरसूरीश्वरजी महाराज

अपने महल में जाकर सुरसुन्दरी ने त्रियाचरित्र दिखाना शुरु कर दिया। सर के बाल बिखेर लिए, कपड़े अस्त-व्यस्त कर लिए, हाथों से मसलकर आँखें लाल कर ली और मुँह बिगाड़कर पलंगपर सो गयी।कुछ ही देर में हरिषेण आया। बाहर खड़ी विमला से पूछा, ‘रानी कहाँ है ?’‘आप ही जाकर देख लीजिये न !’ विमला के … Read more

सबसे बड़ी खोज

वैज्ञानिक माइकल फैराडे का नाम आज भी अभावग्रस्त, कर्मठ लगनशील विद्यार्थियों की राह प्रशस्त कर रहा है। माइकल बहुत गरीबी में पला-बढ़ा था। जैसे-तैसे दसवीं पासा करने के बाद घर को चलाने के लिए लंदन में अखबार बेचने का काम करने लगा था। साथ ही यथा उपलब्ध समय का दुरुपयोग न कर पढ़ाई भी करता। … Read more

बोली ने किया बवाल

चलते-चलते थक चुका एक राहगीर, विश्रांति हेतु स्थान को खोज करने लगा। तब एक महिला ने अपने मकान के प्रखंड में उसे रहने के लिए स्थान दे दिया। रात भर वह शांति से सोया। सुबह उठकर उस बुजुर्ग राहगीर ने पेट की भूख शांत करने के लिए खिचड़ी बनाने का विचार किया। आसपास पड़ी सूखी … Read more

रेवती ने तिर्थकर नाम कर्म का बंद कैसे किया?

केवलिचर्या में विचरते हुए तेरह वर्ष बीत गए तब भगवान महावीर चौदहवें वर्ष में मेढीग्राम पधारे। भगवान के पधारने की खबर से वहाँ के लोग बहुत प्रसन्न हुए और झुण्ड के झुण्ड प्रभु-दर्शन एवं देशना श्रवण के लिए जाने लगे। किन्तु प्रभु के एक कुशिष्य गोशालक को यह बात पसन्द नहीं आयी। वह कुछ दिनों … Read more

गुरुदेव पूज्य गौतम मुनिजी म. सा. बरसा दाता के प्रवचन ने छुए हृदय

युवा उत्सव और रक्षाबंधन का अद्भुत संगम पुणे, श्री वर्धमान श्वेतांबर जैन श्रावक संघ साधना सदन महावीर प्रतिष्ठान में चातुर्मास का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पूज्य गौतम मुनिजी महाराज और पूज्य चेतन मुनिजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। प्रवचन की श्रृंखला में क्या हम सच मे स्वतंत्र है, … Read more