क्षमा वीरस्य भूषणम – वीरों का असली गहना !

बहुत पुराने समय की बात है। एक राज्य में मृगावती नाम की राजकुमारी रहती थी। वो बेहद सुंदर, बुद्धिमान और दयालु थी। सारा राज्य उससे प्रेम करता था। एक दिन राज्य में एक दूसरे राज्य की राजकुमारी आई — नाम था सुनंदा। सुनंदा के मन में मृगावती के प्रति ईर्ष्या थी क्योंकि सारे लोग मृगावती … Read more

अंधे पंडित और हाथी की कहानी — अनेकांत का सबक !

एक राजा के दरबार में दूर-दूर से पंडित और विद्वान आते थे। एक बार राजा ने एक अनोखी परीक्षा रखी। उन्होंने छह विद्वानों को बुलाया — जो जन्म से दृष्टिहीन थे। उनके सामने एक हाथी लाया गया। पहले विद्वान ने हाथी का पाँव छुआ — “यह एक खंभे जैसा है।” दूसरे ने सूँड छुई — … Read more

मुनि मेतार्य का संयम – जब मौन ने बदला किसान का हृदय !

मेतार्य एक युवा जैन मुनि थे। वे अभी-अभी दीक्षा लेकर तपस्या कर रहे थे। एक दिन वे एक गाँव के पास ध्यान में बैठे थे। उसी गाँव में एक किसान रहता था — बहुत क्रोधी स्वभाव का। किसी ने उसे बता दिया कि उसकी बकरी खोई हुई है और एक मुनि उसी रास्ते पर ध्यान … Read more

आत्मा की खोज – राजा प्रदेशी और मुनि का महान संवाद!

प्रदेशी एक शक्तिशाली राजा था। वो नास्तिक था – उसका मानना था कि आत्मा जैसी कोई चीज़ नहीं होती। शरीर के साथ सब कुछ खत्म हो जाता है। एक दिन उसके राज्य में केशी कुमारश्रमण नाम के एक जैन मुनि पधारे। राजा ने सोचा – इस मुनि से बहस करके इसकी बातें गलत साबित करूँगा। … Read more

मधुर वचनों का ज़हर –जब मित्रता की परख हुई !

एक समय की बात है, एक चतुर व्यक्ति था ‘मधुकर’। उसकी वाणी में शहद-सी मिठास थी, जो किसी को भी आसानी से अपना बना लेती थी। उसकी इस मीठी जुबान का सबसे बड़ा शिकार था उसका सीधा-सादा और सरल हृदय मित्र ‘सत्यपाल’। सत्यपाल दुनिया को अपनी ही तरह सच्चा और मददगार समझता था। मधुकर ने … Read more