ध्यान साधना से आती है शरीर और मन की स्थिरता : प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा.

ज्ञान साधना के माध्यम से ही हमें शरीर और मन की स्थिरता प्राप्त हो सकती है। जीवन में यह संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने किया। वे परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित आनंदगाथा सप्ताह की प्रवचन माला में बोल रहे थे। प. पू. प्रवीण ऋषिजी … Read more

जीवन को सफल बनाने के सूत्र : दान, सेवा और सत्संग – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

प्रभु परमात्मा ने कुछ ऐसे सूत्र हमें दिए हैं जो हमारा जीवन बदल सकते हैं। कोई भी हमारे घर पर आये तो कभी उसे ना मत कहो । समय हमारे पास बहोत है पर कहां देना और कहां नहीं ये हम नहीं समझते। जिनशासन को पाकर जिनवाणी के मूल्य को हमने नहीं समझा तो हीरे … Read more

वीतराग सेवा संघ का समाजोपयोगी कार्य सराहनीय – डॉ. नीलम गोऱ्हे !

पुणे, राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट प.पू. श्री आनंदऋषीजी म.सा. की 126 वीं जयंती महोत्सव के अवसर पर, जिनशासन प्रभाविका प.पू. चैतन्यश्रीजी म.सा. की प्रेरणा से वीतराग सेवा संघ, पुणे और साधना सदन ने १०वीं कक्षा के विशेष प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम महावीर प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ।  वीतराग सेवा संघ पिछले … Read more

अहंकार छोड़ धर्म स्थानक में प्रवेश करे – साध्वी स्नेहाश्रीजी !

आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रावधान मे गुरुमॉं पु. चंद्रकलाश्री जी, वाणी के जादुगर पु. स्नेहाश्री जी म.सा. मधुर गायिका पु. श्रुत प्रज्ञाश्री म.सा. के सानिध्य मे गुरु आनंद जन्मोत्सव सप्त दिवसीय कार्यक्रम जारी है! आज “ आनंद-चालीसा” मंडल द्वारा आनंद चालीसा का सामुहिक पठन किया गया! अपने उद्बोधन में साध्वी स्नेहाश्री जी ने … Read more

ज्ञान से ही समस्याओं का समाधान संभव — युवाचार्य महेन्द्र ऋषिजी म. सा. !

पनवेल, आचार्य सम्राट आनंद ऋषिजी महाराज की जन्मोत्सव के पंचम दिवस पर सोमवार को जैन स्थानक मे आयोजित प्रवचन सभा में श्रमणसंघीय युवाचार्य प्रवर महेन्द्र ऋषिजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन की समस्याओं और झगड़ों का मूल कारण अज्ञान है। इनका समाधान केवल ज्ञान से ही संभव है। ज्ञान के अभाव … Read more