पुणे से लंदन तक, भारतीय लय की गूंज – अजराडा घराने के सुरों में रचा इतिहास !
पुणे, कहते हैं कि कुछ प्रतिभाएं जन्म से ही किसी विशेष उद्देश्य के लिए गढ़ी जाती हैं और पुणे के आदि आनंद चोरडिया इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। मात्र 20 वर्ष की आयु में आपने ‘तबला विशारद पूर्ण’ की परीक्षा फर्स्ट क्लास से उत्तीर्ण कर वह मुकाम हासिल किया है, जिसके पीछे तेरह वर्षों से भी अधिक समय की दृढ़ साधना, अनुशासन और भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति एक अटूट प्रेम छिपा है। यह सिर्फ एक परीक्षा पास करने की बात नहीं, बल्कि एक ऐसी सुनहरी यात्रा है, जिसमें बचपन के छोटे-छोटे रियाज़ से लेकर आज की परिपक्व प्रस्तुति तक हर पल में लगन की खुशबू बसी है।
