दबी हुई कला को मिली नई उड़ान – मनसुखजी छाजेड़ और ‘नवकार आर्ट फाउंडेशन’ का प्रेरणादायी सफर !

पुणे, ‘नवकार आर्ट फाउंडेशन’ आज उन जरूरतमंद और काबिल कलाकारों के लिए एक उम्मीद की किरण बन गया है, जो अपनी कला को दुनिया के सामने लाने के मौकों से वंचित रह गए थे। यह फाउंडेशन कलाकारों को न केवल एक मंच प्रदान करता है, बल्कि एक्सपर्ट्स के माध्यम से उन्हें कला की बारीकियां सिखाकर अगले लेवल तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित भी करता है।

स्थापना और प्रेरणादायी सफर
नवकार आर्ट फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2014 में इसके फाउंडर चेयरमैन मनसुख छाजेड़ द्वारा की गई थी। मनसुखजी (जो अब 73 वर्ष के हैं) का अपना सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। बचपन से ड्राइंग का शौक होने के बावजूद, पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनकी कला दब गई थी। लेकिन 59 साल की उम्र में अपने बच्चों के प्रोत्साहन से उन्होंने दोबारा स्केच बनाना शुरू किया।

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