पुणे – जैन समाज की सेवा, अध्यात्म एवं युवा प्रेरणा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए जैनम धिरज जैन और जिविका धिरज जैन को इस वर्ष महर्षि आनंद सेवा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान दापोडी जैन स्थानक, पुणे में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया।

बता दें कि यह पुरस्कार आनंद शिष्यरत्न परम पूज्य प्रशांतऋषिजी म.सा. के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस संस्था का उददेश्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज की उन्नति, धर्म प्रचार-प्रसार और संगठनात्मक कार्यों में अच्छा योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना है।
इस वर्ष जैनम धिरज जैन को ‘जैन युवा प्रेरणा – महर्षि आनंद सेवा पुरस्कार’ और जिविका धिरज जैन को ‘जैन आगम आध्यात्मिक-महर्षि आनंद सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महार्षि आनंद सेवा भक्ति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री अशोकजी पगारिया, दापोडी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष श्री दिलीपजी भंसाली तथा दापोडी श्रावक संघ के सभी समिति सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
जैनम और जिविका दोनों ही कम उम्र में जैन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक सेवा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। उनका उद्देश्य प्रेरणादायक कार्यों के माध्यम से राष्ट्र और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
कार्यक्रम के दौरान जिन लोगों को सम्मान मिला, उन्होंने यह पुरस्कार समाज के सहयोग, अपने गुरुजनों और माता-पिता के आशीर्वाद को समर्पित किया। साथ ही, उन्होंने आगे भी सेवा और ज्ञान के रास्ते पर चलते रहने का संकल्प लिया।