पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय ललित के गौरवोद्गार; 28वें स्थापना दिवस पर सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण
सूर्यदत्त ग्रुप इंस्टीट्यूट्स द्वारा आयोजित सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में पद्म श्री परम पूज्य आचार्य, डॉ. श्री चंदनाजी महाराज (ताई मा), पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय लळीत, पद्म श्री अशोक सराफ, श्री श्याम जाजू, एयर मार्शल भूषण गोखले (सेवानिवृत्त), श्री टी.एस. कृष्णमूर्ति, प्रो. शरदचंद्र दराडे, डॉ. शिवाजीराव डोले, प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया एवं श्रीमती सुषमा एस. चोरड़िया सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
“आदर्शों को सम्मानित करने की चोरडिया दंपति की पहल प्रेरणादायी”
– वरिष्ठ अभिनेता पद्मश्री अशोक सराफ के गौरवोद्गार; 28वें स्थापना दिवस पर सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण
पुणे: समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को एक ही मंच पर सम्मानित करना सामाजिक जागरण का एक सशक्त माध्यम है। कला, खेल, विज्ञान, अर्थशास्त्र, लेखा, प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तित्वों की सहभागिता इस आयोजन को बहुआयामी और प्रेरणादायी बनाती है, ऐसे विचार सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय ललित ने व्यक्त किए।
वे सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के 28वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ एवं ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ वितरण समारोह में बोल रहे थे। यह समारोह बाणेर स्थित बंटारा भवन में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी. एस. कृष्णमूर्ति, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) भूषण गोखले, एमआईटी के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. शरदचंद्र दराड़े, सूर्यदत्त के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया, उपाध्यक्ष सुषमा चोरडिया, सहयोगी उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा, किमया गांधी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षित कुशल, मुख्य विकास अधिकारी सिद्धांत चोरडिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
पद्मश्री परमपूज्य आचार्य डॉ. चंदनाजी महाराज (ताई मां) को ‘सूर्यदत्त ग्लोबल पीस गांधीयन फिलॉसफी अवॉर्ड–2026’ से सम्मानित किया गया। वहीं पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय ललित, वरिष्ठ अभिनेता अशोक सराफ, हास्ययोग आंदोलन के विठ्ठल काटे, पूर्व आईएएस अधिकारी शेखर गायकवाड, अभिनेता राकेश बेदी, उद्योगपति विलासकुमार पालरेषा, निर्देशक सुभाष सहगल, शिक्षाविद अशोककुमार ठाकुर, वैज्ञानिक डॉ. आनंद भाडळकर, अधिवक्ता प्रमोद आडकर, साहित्यकार प्रो. सुरेखा कटारिया, उद्यमी प्रकाश गांधी और वैश्विक रणनीतिकार को ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ प्रदान किए गए।
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के महेश सूर्यवंशी, योगगुरु डॉ. कृष्णदेव गिरी, अभिनेत्री एवं स्टैंडअप कॉमेडियन उपासना सिंह, भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर अभिजीत कुंटे, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुरेंद्र कुमारी, योग प्रशिक्षक राखी गुगले, अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. कनक साहा, बांसुरी वादक पारस नाथ, ग्लोबल यूथ एम्बेसडर दारासिंह खुराणा, डॉ. प्रमोद त्रिपाठी और पर्वतारोही आशीष माने को ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ प्रदान किए गए। चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहित धांड, गायिका प्रीति दवे और पिंकी दवे, तैराक हातवी शाह को ‘सूर्यदत्त नेशनल यंग अचीवर अवॉर्ड’, जबकि मास्टर ऋषि शिव प्रसन्न और मास्टर राघव मालपाणी को ‘सूर्यदत्त लिटिल मास्टर नेशनल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
उदय ललित ने कहा कि हर युवा के मन में यह प्रश्न होता है कि वह सफल होगा या नहीं, लेकिन आत्मविश्वास, निरंतर परिश्रम और कार्य में उत्कृष्टता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या युवा है और 35 वर्ष से कम आयु के नागरिकों की संख्या अधिक है। इस मानव संसाधन को सशक्त बनाना राष्ट्र निर्माण का बड़ा कार्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कारों के लिए सूर्यदत्त फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने विशेष सराहना की।
वरिष्ठ अभिनेता अशोक सराफ ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की चोरडिया दंपति की यह पहल समाज को प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी और रंगमंचीय सफर का उल्लेख करते हुए दर्शकों के प्रेम और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।
एयर मार्शल भूषण गोखले ने कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है। वहीं प्रो. डॉ. शरदचंद्र दराड़े ने सूर्यदत्त संस्था की प्रगति की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन श्वेता राठोड़ और संदीप पाटील ने किया, जबकि सुषमा चोरडिया ने आभार प्रदर्शन किया।
छात्रों, स्टाफ सदस्यों, सहयोगियों, पूर्व पुरस्कार विजेताओं एवं अतिथियों ने बड़ी संख्या
में सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह में सहभागिता की और उत्साह व प्रेरणा से अभिभूत हुए।
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सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह में डॉ. चोरडिया का संबोधन
सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 के समारोह को संबोधित करते हुए सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं चेयरमैन प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा कि सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार केवल सम्मान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी योगदान देने वाले उत्कृष्ट व्यक्तित्वों को विद्यार्थियों और युवाओं के समक्ष प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, न्यायपालिका, उद्योग, कला, विज्ञान, सामाजिक सेवा, प्रशासन एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले महान व्यक्तित्व समाज के सच्चे आदर्श होते हैं, जिनसे युवा पीढ़ी जीवन मूल्यों और नेतृत्व की प्रेरणा ले सकती है।
प्रो. डॉ. चोरडिया ने सूर्यदत्त संस्थान के शैक्षणिक दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि उनके जीवन, कार्य और उपलब्धियाँ विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी।
सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार, सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा स्थापित एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जिसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता, नेतृत्व और सेवा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष शिक्षा, उद्योग, उद्यमिता, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सेवा, संस्कृति, प्रशासन और राष्ट्र निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों (अलुमनी), स्टाफ सदस्यों, सहयोगियों और अन्य हितधारकों को उत्कृष्टता, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भविष्य में सकारात्मक और सार्थक योगदान दे सकें।
डॉ. चोरडिया ने बताया कि सुर्यदत्त संस्थान ने ‘सुर्यभारत ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज’ और ‘सुर्यभारत इंडस्ट्रियल रिसर्च ज्ञानपीठ’ की स्थापना की है। इन संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को न केवल नए उद्यम और स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, बल्कि उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन और एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान कर उद्यमिता की दुनिया में सफलता के मार्ग प्रशस्त किए जाएंगे।
डॉ. चोरडिया ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में सूर्यदत्त नेशनल अवार्ड्स के माध्यम से 600 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें भारत रत्न, नोबेल पुरस्कार विजेता, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। यह सम्मान विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से प्रदान किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, माननीय अतिथि, मुख्य वक्ता, SNA 2026 के पुरस्कार विजेता और अन्य अतिथियों ने अपना बहुमूल्य समय निकालकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
अपने संबोधन के अंत में प्रो. डॉ. चोरडिया ने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मम्मी-पापा, छात्र, पूर्व छात्र (अलुमनी), कोर टीम, सहयोगी, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी, विक्रेता, पिछले पुरस्कार विजेता और सभी अतिथियों का योगदान अमूल्य रहा। उन्होंने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि उनके सहयोग और समर्थन के बिना यह कार्यक्रम इतनी सफलता से आयोजित नहीं हो पाता।
पुरस्कार स्वरूप में विजेताओं को ट्रॉफी, प्रशस्तिपत्र, स्कार्फ, मेडल और सरस्वती माता का फ्रेम प्रदान किया गया।
मानवसेवा, सरलता एवं सार्वभौमिक कल्याण के गांधीवादी आदर्शों
में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री डॉ. श्री चंदनाजी महाराज (ताई मा ) को
बहूप्रतिष्ठित सूर्यदत्त ग्लोबल पीस गांधीयन फिलॉसॉफी पुरस्कार 2026 से सम्मानित
गांधीयन फिलॉसॉफी पुरस्कार पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय लळीत, पद्म श्री अशोक सराफ,
श्याम जाजू, एयर मार्शल भूषण गोखले (सेवानिवृत्त), टी.एस. कृष्णमूर्ति, शरदचंद्र दराडे,
डॉ. संजय बी. चोरड़िया एवं सुषमा एस. चोरड़िया के हाथों प्रदान करते हुए ।
प. पु पद्मश्री आचार्य चंदना जी (ताई मा ), जैन समुदाय की पहली पद्मश्री–जैन साध्वी और वीरायतन की प्रेरणादायक संस्थापक, गांधीवादी करुणा का जीवंत उदाहरण हैं। मानवता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने सेवा (मानव सेवा), शिक्षा और साधना (आत्म-विकास) के सिद्धांतों पर आधारित समग्र सेवाओं के माध्यम से जीवनों को रूपांतरित किया है।
उनकी मानवीय सेवा की अग्रणी यात्रा की शुरुआत बिहार के राजगीर से हुई, जहाँ उन्होंने वीरायतन की स्थापना की, ताकि वंचितों को राहत, शिक्षा और सम्मान प्रदान किया जा सके — यह निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है, जो गांधीजी के दर्शन के गहरे सिद्धांतों को दर्शाता है।
2001 के भुज-कच्छ भूकंप के दौरान, उनका नेतृत्व प्रभावित समुदायों के लिए तत्काल राहत, पुनर्वास और आशा की किरण बना, और यह दर्शाया कि वीरायतन का मिशन बिना किसी भेदभाव के दुख निवारण करना है।
उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन में, वीरायतन की “जहाँ जीनालय वहाँ विद्यालय” पहल ने आध्यात्मिक स्थानों को शिक्षा के साथ सहज रूप से जोड़ा, जिससे अनगिनत बच्चे और युवा सशक्त हुए। पालिताना में संगठन का कार्य, साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवतावादी प्रभाव, उनके असाधारण समर्पण का प्रमाण है, जो मानव कल्याण और गांधीवादी आदर्शों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सार्वभौमिक करुणा की विरासत आचार्य चंदना जी जैन परंपरा में एक अद्वितीय व्यक्तित्व के रूप में खड़ी हैं। उन्होंने साध्वी के पारंपरिक संन्यासी जीवन से हटकर मानव सेवा के सक्रिय, अथक कार्य को अपनी पहचान बनाया। उनका जीवन जाति, धर्म और संप्रदाय की दीवारों को तोड़ता है और यह साबित करता है कि सबसे उच्चतम आध्यात्मिक अभ्यास दुखियों के आँसू पोंछने में है।
वीरायतन के माध्यम से, उन्होंने तर्थंकर महावीर की प्राचीन शिक्षाओं को जीवंत और व्यावहारिक रूप में बदल दिया है, जिससे वह निस्वार्थ प्रेम और सामाजिक सुधार की वैश्विक प्रतीक बन गई हैं।

- सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: जस्टिस उदय यू. ललित, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
क्षेत्र: कानून और न्यायपालिका में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: पद्मश्री अशोक सराफ
क्षेत्र: भारतीय सिनेमा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री विठ्ठल काटे
क्षेत्र: हँसी योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री शेखर गायकवाड़, IAS
क्षेत्र: सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री राकेश बेदी
क्षेत्र: भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री विलास कुमार थानमल पालरेशा
क्षेत्र: कॉर्पोरेट उत्कृष्टता – इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री सुभाष सहगल
क्षेत्र: भारतीय सिनेमा – लेखक, संपादक और निर्देशक - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री अशोक कुमार ठाकुर
क्षेत्र: शिक्षा – शिक्षण और सीखने में नवाचार - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: डॉ. आनंद एन. भदालकर
क्षेत्र: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: एडवोकेट प्रमोद अद्कार
क्षेत्र: सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: प्रो. सुरेखा कटारिया
क्षेत्र: साहित्य में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री प्रकाश गांधी
क्षेत्र: उद्यमिता और आध्यात्मिक सेवा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री महेश सूर्यवंशी
क्षेत्र: एनजीओ – मंदिर प्रबंधन और सामाजिक सेवा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: डॉ. कृष्णदेव गिरी
क्षेत्र: योग और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से चिकित्सा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: सुश्री उपासना सिंह
क्षेत्र: भारतीय सिनेमा और स्टैंड-अप कॉमेडी में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री अभिजीत कुंते
क्षेत्र: खेल – शतरंज में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव
क्षेत्र: कानून और न्यायपालिका में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: डॉ. सुरेंद्रा कुमारी
क्षेत्र: सामाजिक कल्याण में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: सुश्री राखी गुगले
क्षेत्र: योग में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: डॉ. कनक साहा
क्षेत्र: विज्ञान और प्रौद्योगिकी – एस्ट्रोफिजिक्स में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री पारस नाथ
क्षेत्र: भारतीय शास्त्रीय संगीत – बांसुरी वादक में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री दरासिंग खुराना
क्षेत्र: वैश्विक सामाजिक सेवा में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय अवार्ड 2026
सम्मानित: श्री आशीष माने
क्षेत्र: बहादुरी और साहस – पर्वतारोहण में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय यंग अचीवर अवार्ड 2026
सम्मानित: CA मोहित ढ़ांड
क्षेत्र: बैंकिंग और वित्त – फिनटेक और रणनीति योजना में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय यंग अचीवर अवार्ड 2026
सम्मानित: सुश्री प्रीती और पिंकी दवे – डुओ
क्षेत्र: प्रदर्शन कला में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय यंग अचीवर अवार्ड 2026
सम्मानित: सुश्री हेतावी शाह
क्षेत्र: खेल – तैराकी में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लिटिल मास्टर अवार्ड 2026
सम्मानित: मास्टर ऋषि शिव प्रसन्न
क्षेत्र: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता - सूर्यदत्त राष्ट्रीय लिटिल मास्टर अवार्ड 2026
सम्मानित: मास्टर राघव मालपानी
क्षेत्र: शास्त्रीय वाद्य संगीत – पियानो में उत्कृष्टता - डॉ. प्रमोद त्रिपाठी — चिकित्सा विज्ञान : समग्र स्वास्थ्य एवं जीवनशैली प्रबंधन में उत्कृष्टता