पुणे में गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. का भव्य मंगल प्रवेश !

पुणे, प्रात: स्मरणीय दादागुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी के छष्ठम पट्धर आ. श्री जयंतसेनसूरीश्वरजी के प्रथम दीक्षित शिष्यरत्न वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म सा. आ. ठा 8 का आज सोमवार दि. 26 मई 2025 को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक व विद्यानगरी, पुण्यनगरी पुणे शहर में गच्छाधिपति पद पर आरुढ होने के बाद प्रथम बार भव्य सामैय्या … Read more

राज्यात कौशल्य विकास केंद्रांचे जाळे निर्माण व्हावे – उदय सामंत, उद्योग आणि मराठी भाषा मंत्री, महाराष्ट्र राज्य

पुणे, समाजाच्या मुख्य प्रवाहापासून वंचित राहिलेल्यांना मुख्य प्रवाहात आणण्यासाठी कौशल्य विकास केंद्र हे एक मुख्य साधन असून कौशल्यावर आधारित पिढी तयार होण्यासाठी महाराष्ट्रात कौशल्य विकास केंद्रांचे जाळे निर्माण झाले पाहिजे, असे मत राज्याचे उद्योग आणि मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत यांनी व्यक्त केले. जनसेवा फाउंडेशन, पुणे संचलित “हीरा-कांचन” निराधार पुनर्वसन केंद्र येथे “एस. पी. मल्होत्रा … Read more

समस्त जैन समाज के हितार्थ आदर्श विवाह

2 लाख 51 हजार में होगी शादी पुना, शहर में आदर्श विवाह संस्थान द्वारा,समस्त जैन समाज के हितार्थ – सूंदर एवं आदर्श विवाह का आयोजन किया जा रहा हैं।शादी के बेहिसाब खर्चो से और फिजूल के दिखावे की परंपरा को कम करने एवं मध्यम परिवारों की सहूलियत के मद्देनजर,संस्थान द्वारा समाज के लड़के-लड़कियों की शादी … Read more

संथारा साधक आत्मा को नमनकर्ता – श्रमण संघ मंत्री राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश !

चीत्तूर आंध्र प्रदेश, श्रमण संघ के द्वितीय आचार्य सम्राट ज्ञान महोदधि परम पूज्य असीम आस्था के केंद्र 1008 श्री आनंद ऋषि जी महाराज साहब की महान शिष्या साध्वी परंपरा की उज्जवल नक्षत्र संथारा साधिका सती डॉक्टर प्रियदर्शनी जी शेर की भांति संयम लिया संथारा भी उत्कृष्ट भावों से 68 दिन तक पूरे आत्मबल के साथ … Read more

महासतीजी डॉ प्रियदर्शनाजी म सा के संथाराव्रतकी मंगल कहानी ,जिनशासन के इतिहास में सुवर्ण अक्षरों से लिखी जाएगी – डॉ अशोककुमार पगारिया !

पुण्यनगरी में कोथरूड जैन स्थानक में उपप्रवर्तिनी प पू डॉ प्रियदर्शनाजी म सा इनके सजग संथाराकी पुर्णाहुती 68 वे दिन हुई! यह संथारा अपने आप में जिनशासनकी महिमा है , करिश्मा है ,पांचवें आरेमे चवथे आरे के संथारेका मुर्तिमंत उदाहरण है ! महासतीजी की साधना में इतना प्रभाव है कि संथारा लेते ही तबीयत में … Read more