भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया श्रीअंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर का 941वां वार्षिकोत्सव!

आचार्य श्री विमलहंससूरीश्वरजी महाराज एवं साधु-साध्वी मंडल की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ ध्वजारोहण समारोह ! ​वाशिम/शिरपूर जैन, ‘ओम पुण्याहं, पुण्याहं; ओम प्रियंताम प्रियंताम’ के भक्तिमय जयघोष के बीच शिरपूर जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर का 941वां वार्षिकोत्सव शुक्रवार, 23 जनवरी को सुबह 10:30 बजे अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। … Read more

दबी हुई कला को मिली नई उड़ान – मनसुखजी छाजेड़ और ‘नवकार आर्ट फाउंडेशन’ का प्रेरणादायी सफर !

पुणे, ‘नवकार आर्ट फाउंडेशन’ आज उन जरूरतमंद और काबिल कलाकारों के लिए एक उम्मीद की किरण बन गया है, जो अपनी कला को दुनिया के सामने लाने के मौकों से वंचित रह गए थे। यह फाउंडेशन कलाकारों को न केवल एक मंच प्रदान करता है, बल्कि एक्सपर्ट्स के माध्यम से उन्हें कला की बारीकियां सिखाकर … Read more

संघपति’ संदिपजी सेठिया : जिन्होंने 1000 से अधिक यात्रियों को मुफ्त कराई तीर्थ यात्रा !

पुणे, समाज सेवा और धार्मिक भक्ति का अद्भुत संगम, आरंभ ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष, संघपति जैन समाज महाराष्ट्र भूषण श्रीमान संदिपजी सेठिया ने 1000 से अधिक यात्रियों को तीर्थ यात्रा कराई है। श्री संदीप सेठिया जैन समाज के उन चुनिंदा रत्नों में से हैं, जिन्होंने अपनी निःस्वार्थ सेवा से हजारों लोगों के जीवन में … Read more

स्वातंत्र्य म्हणजे स्वैराचार नव्हे – मा. डॉ. अशोककुमार पगारिया

 कुटुंब, समाज, धर्म, संस्कृती, शिक्षण आणि अर्थकारण या समाज घटकांना सशक्त आणि निकोप करण्यासाठी समाज घटकाचा एक जबाबदार नागरिक म्हणून मिळालेल्या स्वातंत्र्याचा जबाबदारीने वापर करावा. आज नैतिक मूल्यांची मोठी पडझड होताना आपण प्रत्यक्ष अनुभव घेत आहोत .गतकाळातील इतिहासाला साक्षी ठेवून संस्कार मूल्य आचरणात आणण्याची खरी गरज आहे . चंगळवाद आणि स्वैराचार यांना मूठमाती दिल्याशिवाय सुजाण … Read more

महासती ब्राह्मी : विद्या की वह लौ, जिससे रोशन हुआ नारी जगत !

भारत की अयोध्या नगरी में जब महाराज ऋषभदेव का शासन था, तब एक नए युग का सूत्रपात हो रहा था। राजा ऋषभदेव केवल एक शासक नहीं, बल्कि सभ्यता के शिल्पकार थे। आपके आंगन में दो कलियां खिली थीं— ब्राह्मी और सुन्दरी। शिक्षा का संकल्प उस युग में जब समाज की नींव रखी जा रही थी, … Read more