निष्कलंक प्रेम और शील की शक्ति – सेठ सुदर्शन और मनोरमा !
चम्पा नगरी की कीर्ति और गौरव थे सेठ सुदर्शन। रूप, गुण और शील में उनकी जगह कोई नहीं ले सकता था और उनकी धर्मनिष्ठा की चर्चा दूर-दूर तक थी। पर, अगर कोई सुदर्शन के जीवन की शोभा थी, तो वह थीं उनकी धर्मपरायणा पत्नी, मनोरमा। मनोरमा केवल अप्सरा-सी रूपवान नहीं थीं; वह तो ‘सोने में … Read more