आध्यात्मिक विकास का पर्व हैं चातुर्मास – वर्धमान सागर !

बावन जिनालय में हुआ प्रवेश ! भायंदर , जैन धर्म में चातुर्मास एक महत्वपूर्ण अवधि है, जो चार महीने तक चलती है। इस दौरान जैन साधु और साध्वियाँ एक ही स्थान पर रहते हैं और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं व आयोजन करते हैं। उपरोक्त विचार भायंदर (वेस्ट) में स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ बावन … Read more

गुरुपद वंदन से गुंज उठा कात्रज गुरुधाम, चातुर्मास प्रवेश ज्योतिष रत्न डाक्टर मुनिराज लाभेश विजयजी ने दिया धर्म और ज्ञान का संदेश।

भरत कुमार जंयतीलालजी चंदावत,सेवाड़ी / पुना परिवार बने चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी। पुना, महाराष्ट्र के ऊर्जा स्थल कात्रज स्थित दुग्गड़ फार्म हाउस से प्रारंभ हुई डाक्टर मुनिराज लाभेश विजयजी महाराज की चातुर्मास गुरुप्रवेश यात्रा जब अपने पावन गंतव्य श्रीमद राजराजेन्द्र सुरिश्वरजी जैन प्रतिष्ठान गुरुधाम पहुँची, तो श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनुपम संगम देखने को … Read more

जेबीएन पुणे चैप्टर में हुआ 11 करोड़ 8 लाख के व्यवसाय का आदान प्रदान !

पुणे, जीतो पुणे चैप्टर के चेयरमैन इंद्रकुमार छाजेड़, चीफ सेक्रेटरी दिनेश ओसवाल के नेतृत्व में होटल शेरेटन में आज सुबह 7:30 बजे जेबीएन मीटिंग हुई। पुणे चैप्टर में 11 करोड़ 8 लाख का कारोबार जेबीएन के साथियों को दिया गया। 55 रेफरल पास हुए । 58 वन टू वन हुए। 5 विजिटर्स उपस्थित थे। जीतो … Read more

मुकेशमुनिजी म.सा. आदि ठाणा पहली बार करेंगे महाराष्ट्र में चातुर्मास, पूना में बिबवेवाड़ी श्रीसंघ की पावनधरा पर चातुर्मासिक मंगलप्रवेश 5 जुलाई को !

चातुर्मास में प्रत्येक गुरूवार को श्री गुरू गौतम एकासन अनुष्ठान ! चातुर्मास सफल बनाने के लिए बिबवेवाड़ी श्रीसंघ द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियां ! पूना, पूज्य दादा गुरूदेव मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा., लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्रीरूपचंदजी म.सा. के शिष्य, मरूधरा भूषण, शासन गौरव, प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्री सुकन मुनिजी … Read more

मात्र एक माह में उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने पुणे के 576 किलोमीटर क्षेत्रफ़ल में से लगभग 350 किलोमीटर विहार तीर्थयात्रा की संपन्न !

1 जून को हुआ था हडपसर में मंगल प्रदेश ! 1 जुलाई को सुखसाग़र को किया पावन ! पुणे, महाराष्ट्र की ज्ञान नगरी पुणे की पुण्य धरा पर चातुर्मासार्थ पधारे उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. एवं मधुरकंठी प. पू. तीर्थेष ऋषिजी म. सा. जो एक माह से पुणे के अलग-अलग क्षेत्र में … Read more