आध्यात्मिक विकास का पर्व हैं चातुर्मास – वर्धमान सागर !
बावन जिनालय में हुआ प्रवेश ! भायंदर , जैन धर्म में चातुर्मास एक महत्वपूर्ण अवधि है, जो चार महीने तक चलती है। इस दौरान जैन साधु और साध्वियाँ एक ही स्थान पर रहते हैं और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं व आयोजन करते हैं। उपरोक्त विचार भायंदर (वेस्ट) में स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ बावन … Read more