“ गणधर तप” आराधना से उपप्रवर्तिनी गुरुमॉं चंद्रकलाश्रीजी म. सा. आदि ठाणा ३ का आकुर्डी स्थानक भवन में चातुर्मास प्रारंभ!

आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे आजसे गुरु गौतम “ गणध र- तप” आराधनासे चातुर्मास प्रारंभ हुआ! २७ धर्मअनुरीगीयोने गणधर तप के प्रत्याख्यान लिये! एक दिवस उपवास एक दिवस बियासना कर २२ दिनकी यह तप आराधना है! शासन प्रभाविका पु. गुरुवर्या चंचल कुंवरजी म.सा. की सुशिष्याए उपप्रवर्तिनी महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकला श्री जी, … Read more

प. पू. श्री मुकेश मुनीजी म सा – गुरुविणा गती नाही !

पुणे, गुरु म्हणजे आत्मोन्नतीचा खरा मार्गदर्शक. गुरुपौर्णिमा हा दिवस केवळ एक उत्सव नसून, आपल्या जीवनात “गुरु” या श्रेष्ठ संकल्पनेचा स्मरण करून त्यांच्याप्रती कृतज्ञता व्यक्त करण्याचा पवित्र दिवस आहे. गुरु म्हणजे केवळ शास्त्र शिकवणारे शिक्षक नव्हे, तर आत्मकल्याणाची वाट दाखवणारे प्रकाशस्तंभ. ज्या गुरुने आत्मा आणि मोक्षमार्ग याबाबत अज्ञानरूपी अंधार दूर केला, अशा गुरूला स्मरण करण्याची ही … Read more

चातुर्मास – आत्म-साधना और समाज उत्थान का महापर्व !

भारत की भूमि पर अनेक धर्म और परंपराओं का संगम हुआ है और इनमें जैन धर्म का अपना एक विशिष्ट स्थान है। जैन धर्म की अहिंसा, त्याग और संयम की भावना उसके प्रत्येक पर्व में परिलक्षित होती है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है चातुर्मास, जो न केवल जैन साधु-साध्वियों के लिए बल्कि समस्त जैन … Read more

उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. के प्रवचन से चुनिए सद्गुणों के मोती !

भूलने की बीमारी से बचना है तो जिनशासन का कौनसा सूत्र अपनाना होंगा ? चौमासी पक्खी – श्रावक बनने का का सुअवसर! श्रद्धा को शाश्वत और आस्था को व्यवस्था में ढालने का दिन ! प्रतिबद्ध, संकल्पबद्ध होने का समय ! जिन रानियों ने राजमहल में रहते हुए कभी उपवास, एकासना, आयंबिल नहीं किया , वह … Read more

पुण्यभूमि पुणे में भक्ति की सरिता – उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. का चातुर्मास मंगल प्रवेश एवं 1008 भक्तामर अनुष्ठान !

पुणे , पुणे शहर ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक गरिमा को सिद्ध किया, जब उपाध्याय प.पू. श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. (आदि ठाणा-2), दक्षिणज्योति प.पू. श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. (आदि ठाणा-3) और जिनशासन गौरव प.पू. श्री सुनंदाजी म.सा. (आदि ठाणा-6) के दिव्य सान्निध्य में 1008 भक्तामर स्तोत्रों का महासमूहिक अनुष्ठान एवं चातुर्मास प्रवेश समारोह अत्यंत भव्यता व … Read more