उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश एवं 1008 भक्तामर अनुष्ठान का ऐतिहासिक आयोजन !

पुणे में जैन समाज एक अद्वितीय आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जहां हजारों साधर्मी एक साथ भक्तामर का सामूहिक अनुष्ठान करेंगे। 6 जुलाई 2025 को उपाध्याय प्रवर प.पू. श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. ठाणा 2, दक्षिणज्योति प.पू. श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. आदि ठाणा 3 एवं जिनशासन गौरव प.पू. श्री सुनंदाजी म.सा. आदि ठाणा 6 के … Read more

डॉ. संजय रुणवाल की नई किताब ‘थॉटफुल रिफ्लेक्शंस फॉर ए मीनिंगफुल लाइफ’ का विमोचन !

आत्म-चिंतन और व्यक्तिगत विकास की ओर एक मार्गदर्शक ! पुणे, लेखक और संजय रुणवाल फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. संजय रुणवाल की तीसरी पुस्तक ‘थॉटफुल रिफ्लेक्शंस फॉर ए मीनिंगफुल लाइफ’ का विमोचन बुधवार को एमईएस ऑडिटोरियम, कोथरुड में एक विशेष समारोह में किया गया। लेखक के व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरित यह पुस्तक जीवन के विभिन्न विषयों … Read more

आध्यात्मिक विकास का पर्व हैं चातुर्मास – वर्धमान सागर !

बावन जिनालय में हुआ प्रवेश ! भायंदर , जैन धर्म में चातुर्मास एक महत्वपूर्ण अवधि है, जो चार महीने तक चलती है। इस दौरान जैन साधु और साध्वियाँ एक ही स्थान पर रहते हैं और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं व आयोजन करते हैं। उपरोक्त विचार भायंदर (वेस्ट) में स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ बावन … Read more

उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. के प्रवचन का सार, परिवर्तन चातुर्मास में ज्ञान – दर्शन – चारित्र – तप के खुल जाए द्वार !

ज्ञान – भगवान ने साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका यह 4 तीर्थ की स्थापना की है। मनुष्य वह है.. जो जीवन को डेवलप करता है और करेक्शन करके ड्रीम देखता है, एकाभवतारी बनने का ! दर्शन – जैन धर्म भाग्यवादी को मिथ्यात्वी कहता है और पुरुषार्थवादी को सम्यक्त्वी कहता है। चारित्र – मेरे दिन की शुरुआत … Read more

पिंपरी चिंचवड जैन महासंघाच्या वतीने दहावी बारावी मधील गुणवंत विद्यार्थ्यांचा सन्मान समारंभ संपन्न

  पिंपरी चिंचवड जैन महासंघाच्या वतीने निगडी येथील पर्ल बॅंकेट सभागृहात इ १० वी व १२ वी मधील विशेष प्राविण्य मिळविलेल्या ११० विद्यार्थ्यांचा सन्मान सन्मान चिन्ह देऊन करण्यात आला , यावेळी जिल्हा संचेती हॉस्पिटल चे प्रमुख संचालक डॉ पराग संचेती आणि अहिल्या नगर जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री आनंद जी भंडारी ( IAS )हे … Read more