कैसा हो विवेकपूर्ण आचरण ?

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एक राजा के तीन पुत्र थे। उनके भविष्य के लिए वह चिंतित रहता था। एक दिन राजा तीनों पुत्रों को लेकर नगर-भ्रमण पर निकला। रास्ते में एक तेजस्वी महात्मा मिले। राजा ने उन्हें प्रणाम किया और अपने बेटों के भविष्य के बारे में पूछा। महात्मा ने तीनों राजकुमारों को बुलाया और दो-दो केले खाने के … Read more

कर्मों का लेखा

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सोनगढ़ के राजा चतुरसिंह समय-समय पर अपने दरबारियों से सवाल पूछकर उनके ज्ञान की परीक्षा लिया करते थे। सही उत्तर मिलने पर भारी इनाम भी देते थे। इस कारण प्रत्येक दरबारी अपने चारों तरफ की जानकारी रखता था। एक बार उन्होंने अपने मंत्री से पूछा “मंत्रीजी ! मुझे चार प्रश्नों के जवाब दो। पहला, जो … Read more