भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया श्रीअंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर का 941वां वार्षिकोत्सव!

आचार्य श्री विमलहंससूरीश्वरजी महाराज एवं साधु-साध्वी मंडल की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ ध्वजारोहण समारोह !

​वाशिम/शिरपूर जैन, ‘ओम पुण्याहं, पुण्याहं; ओम प्रियंताम प्रियंताम’ के भक्तिमय जयघोष के बीच शिरपूर जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर का 941वां वार्षिकोत्सव शुक्रवार, 23 जनवरी को सुबह 10:30 बजे अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर में सत्तरभेदी पूजा के पश्चात रजत ध्वजदंड का विधि-विधान से अष्टकारी पूजन कर ध्वजारोहण किया गया।

​धार्मिक अनुष्ठानों की धूम
​जमीन से अधर (बिना किसी सहारे के ऊपर) स्थित भगवान श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ के इस प्राचीन मंदिर के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ लाभार्थी परिवार दिल्ली निवासी राजकुमारी सुमेरचंदजी जैन एवं मातोश्री गुणवंत हंसराज जैन के कर-कमलों द्वारा पूजन के साथ हुआ। अकोला के विधिकार प्रदीपभाई शाह और राजूभाई भंडारी ने संगीतमय पूजा के माध्यम से संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

​पूज्य संतों का सानिध्य
​समारोह में आचार्यश्री विमलहंससूरीश्वरजी महाराज, मुनिराज श्री रत्नवल्लभ विजयजी महाराज, और महासती श्री सौम्यप्रज्ञाश्रीजी सहित अन्य साधु-साध्वी मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही। आचार्यश्री विमलहंससूरीश्वरजी महाराज ने मंगलपाठ किया और शांति पूजन संपन्न कराया। इस अवसर पर 108 मंगल दीपों से महाआरती उतारी गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।

​समाज की बड़ी उपस्थिति
​कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के ट्रस्टी पारसमल गोलेच्छा,किशोर सोनी,अतिश शाह के साथ ही संस्थान के प्रबंधक बाबुराव बोराटे,अशोक भन्साली,निर्भय कोठारी,कौशलभाई शाह,राजेशभाई शाह,केतनभाई शाह,सत्य्नेंद्रभाई शाह ने सक्रिय योगदान दिया। इस उत्सव में मालेगांव,बालापुर,अकोला,हिंगोली,
मुंबई,नागपूर,संभाजीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से श्वेतांबर जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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