नासिक जिला श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन बहुउद्देशीय महासंघ से जुड़िए !
नवकार तीर्थ, चांदवड में ३० मई २०२६ को नासिक जिला श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन बहुउद्देशीय महासंघ की एक महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई। इस सभा में नाशिक जिले के विभिन्न श्रीसंघों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आगामी चातुर्मास अधिकाधिक धर्ममय, अनुशासित एवं मर्यादापूर्ण वातावरण में संपन्न हो, इस उद्देश्य से निम्नलिखित नियम सर्वसम्मति से स्वीकृत किए गए।
चातुर्मास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, सादगी एवं धर्माराधना का पावन पर्व है। इसकी गरिमा तथा स्थानकवासी परंपरा की मर्यादाओं को अक्षुण्ण बनाए रखने हेतु सभी श्रीसंघों एवं श्रद्धालुओं से निम्न नियमों के पालन का विनम्र अनुरोध है—
निर्धारित नियम
१. चातुर्मास प्रवेश एवं श्रीसंघ के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यक्रम यथासंभव आडंबर रहित एवं सादगीपूर्ण आयोजित किए जाएंगे। किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्रों का उपयोग नहीं किया जाएगा तथा स्थानकवासी परंपरा का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
२. चातुर्मास के दौरान भोजन व्यवस्था सात्विक एवं सादगीपूर्ण रहेगी। सामान्यतः दो प्रकार की सब्जियाँ, रोटी, दाल-चावल, एक मिठाई एवं एक फरसान की व्यवस्था रहेगी। विशेष अवसरों अथवा बाहर से संघ पधारने की स्थिति में अधिकतम दो मिठाइयों की व्यवस्था की जा सकेगी। व्यक्तिगत तपस्या आदि के लिए परिवारजन अपनी ओर से आवश्यक व्यवस्था कर सकते हैं।
३. साधु-संतों के दर्शन, प्रवचन एवं व्याख्यान के समय मुखवस्त्रिका (मुखपट्टी) धारण करना आवश्यक रहेगा। जिनके पास मुखवस्त्रिका उपलब्ध नहीं होगी, उनके लिए संबंधित श्रीसंघ आवश्यक व्यवस्था करेंगे।
४. स्थानक परिसर में प्रवेश के पश्चात तथा दर्शन, प्रवचन एवं धर्मसभा के दौरान मोबाइल फोन बंद अथवा साइलेंट मोड पर रखना।
५. धर्मसभा एवं स्थानक परिसर में सभी का पहनावा मर्यादापूर्ण एवं धर्मानुकूल होना चाहिए। भाई-बहन बरमूडा तथा बहनें जीन्स, पैंट एवं टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक वस्त्रों का उपयोग न करें।
इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि चातुर्मास की पवित्रता, अनुशासन, सादगी एवं धार्मिक मर्यादाओं को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाए रखना है। सभी श्रीसंघ, पदाधिकारी एवं श्रावक-श्राविकाओं के सहयोग से ही चातुर्मास का वास्तविक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
महासंघ द्वारा निर्धारित इन नियमों का पालन कर हम सभी चातुर्मास को अधिक धर्ममय, संयममय एवं आदर्श बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
नाशिक रोड श्री संघ की अनुकरणीय घोषणा:
आगामी चातुर्मास के पावन अवसर पर नाशिक रोड श्री संघ में पूज्य विपुल दर्शनाजी म.सा. के पावन सानिध्य में एक विशेष गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान साधु-संतों की सेवा में निरंतर तत्पर रहने वाले और विहार व्यवस्था को सुचारू बनाने वाले सभी सेवाभावी साथियों का विशेष रूप से बहुमान व सम्मान किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा नाशिक रोड श्री संघ के संघपति श्री किरणजी धड़ीवाल द्वारा की गई है।
साधु-संतों के विहार को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा एक अनूठी पहल की जा रही है। पूरे नाशिक जिले में संतों के विहार रूट की सटीक और विस्तृत जानकारी देने वाली एक विशेष ‘विहार डायरेक्टरी’ तैयार करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है।
इस डायरेक्टरी के माध्यम से आगामी समय में नाशिक जिले में पधारने वाले सभी पूज्य साधु-साध्वी जी भगवंतों और उनकी सेवा में जुटने वाले श्रावकों को मार्ग, रुकने के स्थान व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सटीक जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी।
नाशिक जिल्हा श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन बहुउद्देशीय महासंघ, नाशिक
महासंघ पदाधिकारी
श्री शशिकुमार (पिंटू भाऊ) चांदमलजी कर्नावट — अध्यक्ष
श्री शांतीलालजी कचरदासजी चोरडिया — कार्याध्यक्ष
श्री राजेंद्रजी हिरालालजी लोढा — महामंत्री
श्री विनयकुमार चांदमलजी भंडारी — सहमंत्री
श्री अशोकचंद मोहनलालजी चोपडा — प्रचार एवं प्रसार प्रभारी