जय आनंद ग्रुप, पुणे ने महिला दिवस पर नारी शक्ति के जज्बे को किया सलाम !
पुणे, कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह जाती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है डॉ. चंचलाजी शशिकांतजी कोठारी ने। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, जय आनंद ग्रुप, पुणे द्वारा डॉ. चंचलाजी को उनके असाधारण शैक्षणिक योगदान और उपलब्धि के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
70 की उम्र में शुरुआत, 76 में डॉक्टरेट
डॉ. चंचलाजी कोठारी ने अपनी शिक्षा की दूसरी पारी 70 वर्ष की आयु में शुरू की। उन्होंने पहले BA और फिर MA की डिग्री हासिल की। इसके पश्चात, 76 वर्ष की गौरवशाली आयु में उन्होंने लंडन की प्रतिष्ठित सार्वजनिक शोध यूनिवर्सिटी “क्वींस मेरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंडन” से “रावण – एक व्यक्तिरेखा” विषय पर शोध कर PhD (डॉक्टरेट) की पदवी प्राप्त की है।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ सम्मान
सत्कार समारोह के दौरान श्री अनिल लुंकड ने डॉ. कोठारी के अटूट संकल्प की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया। जय आनंद ग्रुप के वरिष्ठ श्रावक श्री पृथ्वीराज जी धोका के कर-कमलों द्वारा डॉ. चंचलाजी को शाल और मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में उपस्थित गणमान्य:
इस अवसर पर समाज के कई वरिष्ठ और गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
* श्री विजयकांतजी कोठारी (अध्यक्ष, पुणे स्थानकवासी जैन संघ)
* श्री नितिन ओस्तवाल (अध्यक्ष, जय आनंद ग्रुप)
* श्री गणेश कटारिया (कार्याध्यक्ष)
* श्री आनंद कोठारी (सचिव)
* श्री अशोक लोढा (पूर्व अध्यक्ष)
* श्री रमणलाल कोठारी
* श्री रोनक कोठारी
जय आनंद ग्रुप के सदस्यों ने डॉ. चंचलाजी की इस सफलता को समाज की सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल बताया। यह कार्यक्रम न केवल एक सत्कार समारोह था, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण का उत्सव भी बन गया।