जिनशासन ने खोए दो अनमोल रत्न – दो दिन में दो संतों का सड़क हादसे में देवलोकगमन !

अत्यंत दुःखद! बीते दो दिनों ने जैन समाज को गहरा आघात पहुंचाया है। सड़क हादसों ने जिनशासन से दो ऐसे अनमोल रत्नों को छीन लिया, जिनकी क्षतिपूर्ति असंभव है। इन घटनाओं ने हर जैन धर्मावलंबी के हृदय को झकझोर कर रख दिया है।

श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ ने खोया आचार्य पुंडरीक रत्न सूरीश्वरजी म.सा.

कल की सुबह ने एक ऐसी खबर दी, जिसने पूरे जैन समाज को स्तब्ध कर दिया। पाली जिले के जाड़न क्षेत्र में श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के श्रद्धेय संत आचार्य पुंडरीक रत्न सूरीश्वरजी म.सा. एक दुखद ट्रक टक्कर में कालधर्म (देवलोकगमन) को प्राप्त हुए। वे ऐसे संत थे, जिन्होंने अपना घर-संसार त्याग कर जिनशासन की प्रभावना में अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनका असमय जाना हर किसी के लिए एक व्यक्तिगत क्षति जैसा है।

पूज्य अभिनंदन मुनि जी म.सा. का देवलोक गमन

आज की सुबह ने भी उसी दर्द को दोहराया। पूज्य प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनि जी म.सा. के परम शिष्य पूज्य श्री अभिनंदन मुनि जी म.सा. का आज एक भीषण सड़क हादसे में देवलोक गमन हो गया। इस खबर ने उस घाव को और गहरा कर दिया है, जो कल लगा था। यह घटना अशोक जी मेहता की फैक्ट्री से बारडोली के बीच हुई, जिसने एक और पूज्य संत को हमसे छीन लिया।

यह सिलसिला कब रुकेगा?

यह अत्यंत चिंता का विषय है कि सड़क हादसे में गुरु भगवंतों का देवलोक गमन मानो एक सिलसिला सा बन गया है। संत किसी भी संप्रदाय के हों, वे हमारे जैन धर्म की अनमोल धरोहर हैं। वे त्याग, तपस्या और अहिंसा के प्रतीक हैं, जो समाज को सही राह दिखाते हैं। ऐसे पूज्य संतों का इस तरह असमय जाना, समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

जैन परम्परा परिवार की ओर से हम भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं एवं वीर प्रभु के चरणों में यही प्रार्थना करते हैं कि आप दोनों की आत्माएं जल्द ही अष्ट कर्मों को खपाकर मोक्ष के अव्याबाध सुख को प्राप्त करें ।

Leave a Comment