उपाध्याय परम पूज्य श्री प्रवीणॠषिजी म.सा. के 2025 के चातुर्मासार्थ आयोजित समर्पण सभा में कार्यकर्ताओं ने लिया सक्रिय सहभाग !

पुणे, उपाध्याय प. पू. श्री प्रवीणॠषिजी म.सा. दक्षिण ज्योति परम पूज्य श्री आदर्शज्योतिजी म. सा. आदि ठाणा 3 जिनशासन गौरव प. पू. श्री सुनंदाजी म.सा. आदि ठाणा 6 का चातुर्मास श्री आदिनाथ स्थानकवासी जैन भवन ट्रस्ट पुणे को मिला है | चातुर्मास संपन्न करने चातुर्मास समिति का निर्माण करना ; चातुर्मास की पूरी जानकारी ; विभिन्न समिति का कार्य ; इन उद्देश्य से शनिवार 10 में 2025 को आदिनाथ स्थानक भवन में समर्पण सभा का आयोजन किया था | झूम के माध्यम से उपस्थित उपाध्याय परमपूज्य श्री प्रवीणॠषिजी म.सा.ने सभाको मार्गदर्शन किया ।आदिनाथ स्थानक भवन के अध्यक्ष श्री अनिलजी नहार ने कहा “यह चातुर्मास सिर्फ आदिनाथ संघ का नहीं बल्कि पूरे पुणे शहर का है इसलिए इस चातुर्मास के लिए खास चातुर्मास समिति एवं विभिन्न समिति गठन करने का निश्चय किया गया |

उपाध्याय परम पूज्य श्री प्रवीणॠषिजी म.सा. चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष पद पर श्री सुनीलजी पोपटलाल नहार एवं स्वागताध्यक्ष पद पर सौ.राजश्रीजी सुनीलजी पारख इनका चयन किया गया ।आने वाले समय में जल्दही चातुर्मास समिती एवं विभिन्न समिति का गठन किया जाएगा”।

उपाध्याय परम पूज्य श्री प्रवीणॠषिजी म. सा. ने मार्गदर्शन करते हुए कहा “चातुर्मास 2025 पुणे में संपन्न हो रहा है ।पुनाने बहुत कुछ दिया है ।पुणे मेरी राजधानी है ।आने वाले इस चातुर्मास में पुनवासियों के लिए सुंदर अतिथि भवन निर्माण करने के मेरे भाव है ।अतिथि भवन का निर्माण यही मेरे इस चातुर्मास की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी| आप सभी की श्रद्धा एवं समर्पण देखकर मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है”।

चातुर्मास के आधारस्तंभ के लिए श्री नेमीचंदजी राजेशजी पवनजी भंडारी; श्री दीपकजी पन्नालालजी लुंकड़; श्री ललितजी कांतिलालजी शिगंवी ( जैन ) नाम घोषित किया किया गया।उनका सम्मान संगठन की ओर से किया गया ।चातुर्मास सहयोगी के लिए रसिकजी राहुलजी लुनिया ; संजयजी कांतिलालजी चोरडिया ; तुषारजी नंदरामजी बंब ; सौ सुखदाजी सुनीलजी सरनोत इनका नाम घोषित किया गया|

सभा में अभयजी छाजेड़ ; सज्जनमासीजी बोथरा ; सुनीलजी नहार ; राजश्रीजी पारख ; दिलीपजी कटारिया ; सुहासजी बोरा ; सुरेशजी गांधी ; संपत्तजी बोथरा ; कुंदनजी दरडा ; सुरेंद्रजी संचेती ; विलासजी पालरेशा ; रविंद्रजी नहार ; मधुबालाजी कटारिया ; सेजलजी कटारिया ; रूपलजी चोरडिया ; राजेंद्रजी मुथा ; गौतमजी नाबरिया ; दिलीपजी बोरा ; रमेशजी नौलखा ; शैलेशजी नौलखा ; पवनजी भंडारी ; ललितजी (शिंगवी )जैन ; दीपकजी लुंकड़ ;नितिनजी सकलेचा ; संतोषजी ललवानी ; सिद्धार्थजी भटेवरा महावीरजी चोरडिया ; चंद्रकांतजी लुंकड़ ; कीर्तिजी दुगड ; प्रवीणजी दूगड़ ; वैभव संघवी ;संतोषजी भुरट ; संदीपजी भंडारी; नेमीचंदजी सोलंकी; पंकजजी नौलखा ; प्रीतेशजी सुराणा ; अशोकजी मुथीयान ; रसिकजी नाहर आदि मान्यवर उपस्थित थे|

कार्यक्रम को यशस्वी करने के लिए 

अनिलजी नहार , मदनलालजी बलदोटा , संजयजी सांखला , विजयजी नवलाखा , अजयजी जैन , सचिनजी टाटिया , भरतजी चंगेड़िया , सुभाषजी मुथा , निलेश जी सुन्देचा मुथा , धनराजजी सुराणा , अजिक्य चोरडीया , सुमित मुथ्था , रसुखजी बोरा , हिरालालजी बडेरा आदि ने विशेष परिश्रम लिया।

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