२६ जुलाई को परम पूज्य उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. के सान्निध्य में हुआ आयोजन !

पुणे, परिवर्तन चातुर्मास २०२५ के अंतर्गत, २६ जुलाई को वर्धमान संस्कृती केंद्र, गंगाधाम परिसर में भव्य पारणा महोत्सव का आयोजन संपन्न हुआ। परम पूज्य उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. के पावन सान्निध्य में हुए इस आयोजन में अनेक जिन तपस्वियों ने अपनी तपस्या पूर्ण कर तप की ऊर्जा और संयम की साधना का दिव्य संदेश दिया।
गुरु आनंद अठाई महोत्सव के आठवें दिवस पर पुणे समाज के अनेक श्रद्धालुओं ने विविध तपों का आरंभ किया था। बीते अनेक दिवसों से जारी इन तपस्याओं का पुण्य संकल्प आज पारणा के रूप में पूर्णत्व को प्राप्त हुआ।
गुरुदेव श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. ने स्वयं सभी तपस्वियों की तप की गणना और साधना के दिन गिनकर क्रमानुसार भव्य पारणा की व्यवस्था की। तपस्वियों को सातानुसार पारणा कराने की यह गुरु-व्यवस्था पुणे समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन गई।
संपूर्ण वातावरण में एक आध्यात्मिक चेतना, संयम का गौरव और गुरुभक्ति का भाव परिपूर्ण था। पुणे नगरी एक बार पुनः तपोभूमि सिद्ध हुई – जहाँ हर तपस्वी को उनके संयम का पुण्यप्रतिफल पारणा के माध्यम से प्राप्त हुआ।