वीतराग सेवा संघ के ‘अपरिग्रह सिद्धांत’ जीवंत झांकी ने जीता प्रथम पुरस्कार

पुणे, सामुदायिक उत्सव समिति द्वारा आयोजित भव्य ‘वरघोडा’ (शौभायात्रा) में वीतराग सेवा संघ ने अपनी रचनात्मकता और आध्यात्मिक संदेश के दम पर बाजी मार ली है। तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी जी के “अपरिग्रह सिद्धांत” पर आधारित संघ की ‘जीवंत झांकी’ को प्रतियोगिता में प्रथम पारितोषिक से सम्मानित किया गया।

 

शानदार पुरस्कार वितरण समारोह

पुणे के गणेश क्रीडा हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर सामुदायिक उत्सव समिति की ओर से श्रीमान सत्यजित शाह के हाथों यह सम्मान प्रदान किया गया।

संघ की एकता और समर्पण का परिणाम
पुरस्कार स्वीकार करते समय वीतराग सेवा संघ के अध्यक्ष श्री दिलीप कांकरीया सहित संघ के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कर्मठ कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस उपलब्धि पर समाज के विभिन्न वर्गों ने संघ को बधाई दी है। झांकी के माध्यम से भगवान महावीर के संदेश को आधुनिक युग में जिस सादगी और गहराई से दर्शाया गया, उसने निर्णायक मंडल और जनता दोनों का दिल जीत लिया।

वीतराग सेवा संघ के महामंत्री संजय ओस्तवाल की यह संकल्पना थी और सबसे महत्वपूर्ण यह बात है की, इस झांकी में हिस्सा लेनेवाले सभी पात्र वीतराग सेवा संघ के सदस्य थे। इस झांकी के लाभार्थी वीतराग सेवा संघ के सदस्य श्रीमान सुनीलजी बोकरीया परिवार (कान्हूर पठारवाले) थे।

“यह जीत वीतराग सेवा संघ के हर उस कार्यकर्ता की है जिसने दिन-रात मेहनत कर भगवान महावीर के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।”
– कार्यकारिणी समिति, वीतराग सेवा संघ

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