क्रोध : स्वयं का सबसे बड़ा शत्रु – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

पुणे, प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. ने अपने प्रवचन में क्रोध को जीवन का सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए कहा कि यह प्रीति का नाश करता है और जीवन को खतरे से भर देता है। आपश्री ने समझाया कि जिस तरह अंधेरे को दूर करने के लिए रोशनी की जरूरत होती है, उसी तरह क्रोध … Read more

न्याय के पथ पर लौटती श्रद्धा : “माधुरी” की वापसी की आशा फिर जीवित !

‘माधुरी’ वर्षों से संयम, सेवा और साधना की जीवंत प्रतीक रही है ! नांदणी जैन मठ की सेवा में 35 वर्षों तक रही गजलक्ष्मी “माधुरी” के संदर्भ में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की निर्णायक बैठक, रिट याचिका व प्रकरण वापसी की घोषणा, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी पुनर्विचार याचिका। मुंबई / कोल्हापुर, कोल्हापुर जिले … Read more

वंचित विकास संस्था की ‘ऋषि आनंदवन’ को सद्भावना भेंट !

पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव का अनूठा संगम ! पुणे, राष्ट्रसंत आनंदऋषिजी महाराज साहब के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के अद्वितीय उपक्रम ‘ऋषि आनंदवन’ को वंचित विकास संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा एक गहन अध्ययनपूर्ण सद्भावना भेंट दी गई। ‘ऋषि आनंदवन’ महाराष्ट्र का एकमात्र ऐसा वन है जिसे राजस्थान राज्य … Read more