आचार्य श्रीमद् विजय रामचंद्र सुरीश्वरजी महाराजजी का ३४ वां समाधि पर्व दिन संपन्न !

पुणे, महाराष्ट्र देशोधारक आचार्य श्रीमद् विजय रामचंद्र सुरीश्वरजी महाराज जी का ३४ वा समाधि पर्व ईशा एमराल्ड सोसाइटी, गंगाधाम में मनाया गया। समाधि पर्व आध्यात्मिक गुरु के दिवंगत होने के बाद उनकी याद में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर पर उनके अनुयायी और श्रद्धालु उनके जीवन, शिक्षाओं और योगदान को याद करते … Read more

भारतात प्रथम राष्ट्रसंत प.पू.आनंदऋषीजी म.सा.यांच्या ऊर्जा चरणांची स्थापना !

  पुणे ; आनंद दरबार दत्तनगर कात्रज येथे भारतात प्रथमच १४ शुभचिन्ह असलेले राष्ट्रसंत आचार्य भगवंता प.पू.आनंदऋषीजी म.सा यांच्या ऊर्जा चरणांची विधिवत पूजा करून प्राणप्रतिष्ठापना करण्यात आली.  आचार्य भगवंत प.पू. श्री.विरागसागर सुरीश्वरजी म.सा , वात्सल्य मूर्ति प.पू. श्री इन्दुप्रभाजी म.सा.आदि ठाणा यांच्या पावन सान्निध्य ऊर्जा चरणांचा भव्य ‘वरघोडा’ श्री. किसनराव कामठे यांच्या निवासस्थानावरून आनंद दरबार … Read more

शांतशील संयममूर्ती: पू. आनंद ऋषीजी म.सा. यांची जीवनगाथा – प. पू. श्री मुकेश मुनीजी म. सा. !

आज आपण पूज्य आनंद ऋषीजी म.सा. यांची १२६ वी जन्म जयंती निमित्त त्यांच्या महान व्यक्तिमत्त्वाचे गुणगान करणे हा आत्मिक गौरवाचा क्षण आहे. अल्पवयातच त्यांनी आपल्या गुरूप्रती अढळ श्रद्धा, प्रगाढ भक्तिभाव व संपूर्ण समर्पणभाव जोपासला. त्यांनी अत्यंत विनयशीलतेने आगमशास्त्राचे गहन अध्ययन केले आणि तप-जप यांच्या माध्यमातून आत्मिक उन्नती साधली. अखेर त्यांनी संघात अत्युच्च “आचार्य पद” प्राप्त … Read more

ध्यान साधना से आती है शरीर और मन की स्थिरता : प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा.

ज्ञान साधना के माध्यम से ही हमें शरीर और मन की स्थिरता प्राप्त हो सकती है। जीवन में यह संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने किया। वे परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित आनंदगाथा सप्ताह की प्रवचन माला में बोल रहे थे। प. पू. प्रवीण ऋषिजी … Read more

ज्ञान से ही समस्याओं का समाधान संभव — युवाचार्य महेन्द्र ऋषिजी म. सा. !

पनवेल, आचार्य सम्राट आनंद ऋषिजी महाराज की जन्मोत्सव के पंचम दिवस पर सोमवार को जैन स्थानक मे आयोजित प्रवचन सभा में श्रमणसंघीय युवाचार्य प्रवर महेन्द्र ऋषिजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन की समस्याओं और झगड़ों का मूल कारण अज्ञान है। इनका समाधान केवल ज्ञान से ही संभव है। ज्ञान के अभाव … Read more