दोनों को अहसास

आज अमन ऑफिस से ही आफत मोल लेकर घर पहुँचा। अपना बैग रखा ही था कि दोनों बच्चे झगड़ते हुए पापा के पैरों से लिपट गए और बड़ी मासूमियत से पूछा ‘पापा! जल्दी बताओ, आप किससे ज्यादा प्यार करते हैं? अमन का मन ऑफिस में हुई बॉस से बहस के कारण डिस्टर्ब था। उसने बच्चों … Read more

जैन धर्म के प्रसार में जुटे दुबई के नन्हें सितारे जैनम और जिविका

दुबई से आए जैनम (12 साल) और जिविका (10 साल) ने अपने अद्वितीय कर्तृत्व से न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में जैन धर्म के प्रसार के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और समर्पण का परिचय दिया है। इन नन्हें जैन धर्म के अनुयायियों का उद्देश्य मात्र अपनी आस्था का प्रचार करना नहीं है, बल्कि … Read more

‘मिरर’ पॉलिसी

आचार्य श्री यशोविजयसूरि जी स्वरूपवान राजकुमारी….. अनेक गुणों से शोभायमान… एकमात्र क्रोध के कारण पूरे राज्य में अप्रिय बन गई थी। छोटी-सी बातों में भी बेहद गुस्सा…. बार-बार आग-बबूला होना… अंड-बंड बकना… घमंड में सिर ऊँचा रखना। पुण्य पुरजोश में था अतः उसके मुँह पर कौन बोल सकता था? लेकिन अंदर से तो सब के … Read more

माँ का अपूर्व जुड़ाव बच्चों के साथ

प्रत्येक धर्मशास्त्रों में माता-पिता के उपकारों की गुण-गाथा बहुत उच्च कोटि के शब्दों में गाई गई है। पिता अपने कर्तव्य के अनुसार सारा कार्य करते हैं। बच्चों की हर माँग को पूरी करते हैं। बच्चों के लिए पूरे सावधान रहते हैं। लेकिन माँ का बच्चे के साथ अपूर्व जुड़ाव रहता है। गर्भ में बच्चे के … Read more

स्थानक का प्रभाव

साध्वीरत्ना आस्था श्रीजी म.सा. साध्वीरत्ना आस्था श्रीजी म.सा. खामगाँव में पर्युषण पर्व का प्रसंग। सभी में छाया रहता है धर्म का उत्साह उमंग। एक नन्हीं बच्ची लब्धि श्रीश्रीमाल भी अपनी मम्मी से जिद्द करने लगी- मुझे भी स्थानक जाना है। जब से स्कूल से आई एक ही जिद्द, महाराज सा. के जाना है। मम्मी के … Read more