पुणे शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या, अनुशासनहीन वाहन चालकों और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुणे पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
अब पुणे के सामान्य नागरिक भी ‘ट्रैफिक पुलिस’ की भूमिका निभा सकेंगे। पुणे यातायात पुलिस द्वारा विकसित ‘पुणे ट्रैफिक (PTP) ऐप’ के माध्यम से नागरिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की फोटो खींचकर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर पुलिस तत्काल ई-चालान की कार्रवाई करेगी।
हर साल सड़क हादसों में ५०० मौतें : सहआयुक्त मनोज पाटील !
यह महत्वपूर्ण जानकारी पुणे यातायात शाखा के सहआयुक्त मनोज पाटील ने ‘मंथन’ विचार मंच की बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पुणे में वर्तमान में ४५ से ५० लाख वाहन पंजीकृत हैं और हर साल लगभग ३ लाख नए वाहन सड़कों पर आ रहे हैं। सड़कों की सीमित क्षमता के कारण हर साल १२ से १५ हजार दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग ५०० लोग अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अब जन-भागीदारी अनिवार्य है।
इन नियमों के उल्लंघन पर कर सकेंगे शिकायत :
नागरिक ऐप के माध्यम से निम्नलिखित उल्लंघनों की रिपोर्ट कर सकते हैं :
* सिग्नल तोड़ना और गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी चलाना।
* ट्रिपल सीट सवारी और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग।
* नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना या लावारिस वाहन।
* गोपनीयता: शिकायत करने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
बैठक में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति :
इस चर्चा सत्र में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने यातायात सुधार हेतु अपने सुझाव साझा किए। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे :
* सूर्यकांत पाठक (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ग्राहक पंचायत)
* राजेंद्र बाठिया (अध्यक्ष, दि पूना मर्चेंट्स चेंबर)
* महेंद्र पीतलिया (सचिव, पुणे व्यापारी महासंघ)
* रायकुमार नहार (पूर्व अध्यक्ष, चेंबर), अजीत बोरा (उपाध्यक्ष)
* देवेंद्र पवार (पुलिस निरीक्षक), ललित गुंदेचा
* ईश्वर नहार (सचिव, चेंबर), आशीष दुगड (सहसचिव)
* * सी.ए. अनिल वखारिया, प्रवीण शुक्ला, राजकुमार चोरडिया, डॉ. सतीश देसाई, दिनेश मेहता, उत्तम बाठिया, शाम लड्ढा
दि पूना मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया ने विश्वास दिलाया कि व्यापारिक संगठन प्रशासन के साथ मिलकर जन-जागरूकता फैलाएंगे। सहआयुक्त पाटील ने यह भी बताया कि पुलिस जल्द ही AI प्रणाली और स्मार्ट सिग्नल के जरिए यातायात प्रबंधन को और आधुनिक बनाने जा रही है।