पर्युषण महापर्व के पॉंचवे दिवसपर भ. महावीर स्वामीजी के “ जन्म- वाचना” एवं भगवान महावीर स्वामी के जीवनपर आधारित जन्मोत्सव नाटिका का आयोजन!

आकुर्डी -निगडी-प्राधिकरण श्री संघके प्रांगण मे उपप्रवर्तिनी महाराष्ट्र सौरभ पुज्यनीय चंद्रकलाश्री जी महाराज साहेब, वाणीके जादुगर पुज्यनीय स्नेहाश्री जी महाराज साहेब एवं मधुरकंठी पुज्यनीय श्रुतप्रज्ञाश्री जी महाराज साहेब के पावन सानिध्य मे पर्वाधिरीज पर्युषण पर्व की आराधना जप तप आदि के माध्यमसे बहुत सुचारु रुपसे जारी है! आज पॉंचवे दिन भगवान महावीर स्वामीजी की जन्मवाचना का कार्यक्रम संप्पन्न हुआ! अंतगड सुत्र का वाचन, गुरुमॉं द्वारा भगवान महावीर की समवसरण यात्रा, एवं साध्वी स्नेहाश्री जी द्वारा भगवान महावीर के जीवन की झलकियॉं प्रवचन के माध्यमसे रखी गयी! आज दानदाताओंका सन्मान पुना के जैनीयोंके जाणता राजा, समाज शिरोमणी महावीर प्रतिष्ठान के अध्यक्ष, पुना सकल जैन समाज के संस्थापक अध्यक्ष श्रीमान विजयकांतजी कोठारी के करकमलोद्वारा सुबक स्म्रुति चिन्ह, शाल एवं मालासे किया गया!

सन्मानार्थी परिवार आदर्श माता श्रीमती प्रमिलाबाई नौपदलालजी साखला द्वारा राजेशजी साखला ( सिध्दीविनीयक उद्योग समुह), सौ निताजी राजेंन्द्रजी , कुसुमजी दिशा जी जैन ( रुणाल डेव्हलपर्स) , राजेंन्द्रजी खिंवराजजी मुंथा -सुखी परिवार ( क्रष्णा डायग्नोस्टिक), सौ पुनमजी संतोषजी कर्नावट ( लोटस उद्योग समुह) और समारोह के प्रमुख अतिथि श्रीमान विजयकांतजी कोठारी को संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी एवं सभी वर्तमान निवर्तमान विश्वस्तोके करकमलोद्वारा नवाजा गया! स्म्रुति चिन्ह, शाल माला से कोठारीजी को सन्मानीत किया गया!! इस अवसरपर जैन संदेश मासिक के संपादक सुभाष बाबु लुंकड़ जी को भी नवाज़ा गया!

ॲक्टिव बहुमंडलद्वारा भगवान महावीर स्वामींजी के जीवनपर आधारित नाटिका पेश की गयी! भगवान महावीर स्वामीजी की भुमिका निभायी २ महिनेके अनय ने ज्यो भुषण खिंवसरा एवं प्रज्ञा खिंवसरा का नवजात बालक है!
आजके धर्मसभा मे तपस्वी १०० साल उम्रकी माता मोतीबाई रिखबदासजी लुंकड पर केशर की वर्षा हुई! केशर के छॉंटे आकस्मिक रुपसे गिरे इस आध्यात्मिक चमत्कार के सभी उपस्थित साक्षीदार बने! संघाध्यक्ष सुभाष जी ललवाणी ने उपस्थित महानुभावों का स्वागत करते हुये सन्मानार्थी परिवारोंका परिचय कर उनकी गुण विशेषता बतायी!
पर्युषण पर्व दरम्यान आयोजित सभी समारोह के लिए श्री संघके वर्तमान निवर्तमान विश्वस्त अपनी सेवाये तन मन धन से प्रदान कर रहे हैं!

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