लोकार्पण संघ अध्यक्ष श्री अनिल जी नाहर, स्वागत अध्यक्षा सौ. राजश्री जी पारख, उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्रजी संचेती, मंत्री श्री पवनजी भंडारी तथा दिवाकर प्रभात इंटलेक्ट एलएलपी के निदेशक श्री राजेश सुराना, श्री आलोक मुणोत, श्री पारस सुराना एवं श्रीमती सुषमा सुराना द्वारा किया गया। सौ. राजश्री जी पारख ने गुरुदेव के चरणों में तथा श्रीमती सुषमा सुराना ने महासती श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. को पुस्तक प्रतियां समर्पित कीं।
पूज्य गुरुदेव ने दिवाकर प्रभात इन्टलैक्ट एलएलपी के इस प्रयास को आशीर्वाद देते हुए, “प्रभु महावीर की वाणी और जैन मूल्यों को सरल भाषा एवं आकर्षक चित्रों से सुसज्जित पुस्तकों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना एक प्रशंसनीय कार्य है” कहकर इस पहल को पुरजोर सराहा। उन्होंने विशेष रूप से श्री कनकमलजी मुणोत एवं स्व. श्री श्रीचंदजी सुराना ‘सरस’ द्वारा चलाई गई विरासत को नई दिशा देने के संकल्प की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में श्री अनिल जी नाहर ने इसे “केवल एक पुस्तक लोकार्पण नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों का उत्सव और विरासत को मिशन बनाने का संकल्प” बताया। उन्होंने दिवाकर प्रकाशन की 60 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्व. श्रीचंदजी सुराना ‘सरस’ की लेखनी और प्रभात प्रिंटिंग वर्क्स की उत्कृष्ट छपाई ने समाज को 700+ सचित्र जैन ग्रंथों का अमूल्य भंडार दिया है।
आज, उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, ReligiousRaaga Story Books महावीर भगवान के सिद्धान्तों और जैन मूल्यों को सुंदर चित्रों व सरल भाषा में, हिन्दी और English दोनों भाषाओं में सचित्र कहानियों के रूप में प्रस्तुत कर रही है—एक ऐसी श्रृंखला जो बच्चों से बड़ों तक पूरे परिवार को जोड़ेगी।