पर्वाधिराज पर्युषण : स्वयं की पहचान और सुधार का महापर्व – जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. !

पुणे, पर्युषण, जैन धर्म का महापर्व, इस बार न सिर्फ एक उत्सव के रूप में आया है, बल्कि स्वयं को जानने और सुधारने के एक अवसर के रूप में भी। जिनशासन प्रभाविका प. पू. चैतन्यश्रीजी म. सा. ने इस पर्व को ‘पर्वों का राजा’ बताते हुए इसे मेहमान की तरह नहीं, बल्कि एक स्वजन की … Read more