कंधे पर भाई का शव और आँखों में उम्मीद – एक अटूट प्रेम की करुण कथा !
भाई के मोह में बंधा एक देव-हृदय: श्रीकृष्ण की विदाई और बलभद्र का महात्याग ! जब द्वारिका नगरी अपनी भव्यता के शिखर पर थी, वहां भगवान कृष्ण का न्यायप्रिय शासन था. एक समय, मुनि दीपायन के गहरे क्रोध के कारण, द्वारिका नगरी का विनाश निश्चित हो गया. विनाश की उस घड़ी में, श्रीकृष्ण अपने माता-पिता … Read more