चातुर्मास – आत्म-साधना और समाज उत्थान का महापर्व !

भारत की भूमि पर अनेक धर्म और परंपराओं का संगम हुआ है और इनमें जैन धर्म का अपना एक विशिष्ट स्थान है। जैन धर्म की अहिंसा, त्याग और संयम की भावना उसके प्रत्येक पर्व में परिलक्षित होती है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है चातुर्मास, जो न केवल जैन साधु-साध्वियों के लिए बल्कि समस्त जैन … Read more