पालिताना महातीर्थ की पावन धरा पर आयंबिल ओली की धूम !

पुणे के श्री आदिनाथ आयंबिल मंडल ने भी बढ़ाया धर्म का प्रभाव!

​पालीताना, सिद्धगिरी की तलहटी में, जहाँ की हवाओं में भी आदिनाथ भगवान की भक्ति घुलती है, वहाँ इस वर्ष ‘शाश्वती चैत्र मास की ओली’ का दिव्य आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है। ‘बेंगलोर भवन’ के पावन प्रांगण में आयोजित इस आयंबिल तप की आराधना ने पालीताना की पवित्रता में चार चाँद लगा दिए हैं।

10 परिवारों का समर्पण, 300 से आधिक श्रावक -श्रावीका एवं 200 संतों का सानिध्य

​इस गरिमामयी आयोजन की सबसे सुंदर बात यह है कि जहां 10 पुण्यात्मा परिवारों के सहयोग से यह आयंबिल ओली सुचारू रूप से चल रही है, वहीं प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक पूज्य साधु-संत यहां आयंबिल की क्रिया के लिए पधार रहे हैं। संतों के चरण पड़ने से बेंगलोर भवन का कोना-कोना मंगलमयी हो उठा है।

​भक्ति और तप का अनूठा संगम

​सिर्फ बाहरी आराधक ही नहीं, बल्कि पालीताना के स्थानीय श्रावक-श्राविकाएं भी बड़ी संख्या में यहाँ आकर अपनी तपस्या का फल प्राप्त कर रहे हैं। श्री आदिनाथ आयंबिल मंडल, पूना द्वारा आयोजित और परम पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् विजय अजितरत्नसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में यह आयोजन आत्मा को शुद्ध करने वाला एक महायज्ञ बन गया है।

​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को भी मजबूत करते हैं।

​ इन लाभार्थी परिवारों का हुआ बहुमान:

​समाचार के माध्यम से मंडल ने इन सभी परिवारों के सेवा भाव की सराहना करते हुए एक-एक कर उनके नामों की घोषणा की:

1)​ सौ. अरुणाजी सतिषजी बनवट के परिवार का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।

​ 2)श्रीमती मंगलाजी रविंद्रजी नहार के परिवार का नाम सम्मानपूर्वक लिया गया।

3)​श्रीमती लीलावतीजी मोतीलालजी कर्नावट के परिवार ने भी इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

4) ​इसी कड़ी में श्रीमती उज्वलाबाई मदनलालजी नहार के परिवार का विशेष उल्लेख किया गया।

5)​श्रीमती कस्तुरीबाई झुंबरलालजी बेदमुथा के परिवार ने भक्ति भाव के साथ इस आयोजन की शोभा बढ़ाई।

6)​लाभार्थियों की सूची में श्रीमती नीलमजी दिनेशजी मुनोत के परिवार का नाम भी प्रमुखता से शामिल रहा।

7)​सौ. पुष्पाजी दिलीपजी बोरा के परिवार ने अपने सेवा कार्य से उपस्थित जनों को प्रेरित किया।

8)​सौ. मंगलाजी अनिलकुमारजी बरमेचा के परिवार का भी मंडल द्वारा विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

9)​कार्यक्रम में सौ. कल्पनाजी संतोषजी दुगड के परिवार के योगदान की भी प्रशंसा की गई।

10) ​अंत में श्रीमती शकुंतलाजी शांतीलालजी कोठारी के परिवार का नाम लेते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

​मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि इन परिवारों के निस्वार्थ सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो पाया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने भक्तिमय वातावरण का लाभ उठाया।

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